




जांजगीर. भारतीय स्टेट बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान, आरसेटी में 16 मई शनिवार को वट सावित्री पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा. पर्व को विधि विधान पूर्वक मनाने प्रशिक्षण में शामिल जिले के बिहान की क़ृषि सखी और पशु सखी दीदियों ने मिलकर श्रमदान करके बरगद और पीपल के पेड़ पर मिट्टी का बड़ा चबूतरा बनाया है.


संस्थान के निदेशक लक्ष्मीनारायण सिंकू, फेकेल्टी अरुण पाण्डेय व उत्तम कुमार राठौर ने बताया कि इस समय प्रशिक्षण संस्थान में ए हेल्प प्रोग्राम और सब्जी खेती व नर्सरी प्रबंधन का दो बेच का प्रशिक्षण चल रहा है। प्रशिक्षण में शामिल जिले के अलग अलग विकासखंड से शामिल बिहान की क़ृषि सखी और पशु सखियों ने पहली बार प्रशिक्षण संस्थान में वट सावित्री का पर्व मनाने का निर्णय लिया है। इसके लिये प्रशिक्षण संस्थान परिसर में स्थित बरगद और पीपल के पेड़ में मिट्टी का बड़ा चबूतरा श्रमदान से बनाई है। यह ब्रत पति की लम्बी उम्र, परिवार के सुख समृद्धि के साथ महिलाएं अखंड सौभाग्य के लिए रखती हैं।
नारी के धैर्य त्याग और आध्यात्मिक शक्ति के प्रतीक का पर्व वट सावित्री ब्रत शनिवार 16 मई को मनाया जाएगा। विवाहित महिलाएं वट और पीपल बृक्ष के नीचे जाकर जल, रोली, अक्षत, फूल और कच्चा सूत अर्पित कर पूजा करती हैं। पूजा के दौरान महिलाएं वट बृक्ष की 7 या 108 बार परिक्रमा करतीं हैं और कच्चे धागे को बृक्ष के तने पर लपेटती जाती हैं। इससे वैवाहिक जीवन में सुख शांति और स्थिरता बनी रहती है। वट सावित्री ब्रत में कथा सुनने और सुनाने की परंपरा होती है।





