Janjgir Big News : नहर में बने ब्रिज को प्रशासन ने JCB से तोड़ा, विधायक और मोहल्लेवासियों ने उठाए सवाल, कहा, ‘शहर में जगह-जगह नहर में बने ब्रिज, तब कहां थे अफसर’, केवल एक जगह कार्रवाई किए जाने से मोहल्लेवासियों में आक्रोश, अफसरों पर मनमानी करने का आरोप…

जांजगीर-चाम्पा. जांजगीर के खोखरा वितरक नहर में बिना अनुमति के बनाए गए ब्रिज के मामले ने तूल पकड़ लिया है. जल संसाधन विभाग की टीम ने तहसीलदार और अन्य अफसरों की मौजूदगी में ब्रिज को JCB से तोड़ दिया है, लेकिन स्थानीय लोगों के साथ ही विधायक ब्यास कश्यप ने सवाल उठाया है कि शहर में दर्जनों ऐसे ब्रिज नहर के ऊपर में बने हैं, उन पर क्यों कार्रवाई नहीं की गई है, उन ब्रिज को क्यों नहीं तोड़ा गया है ? अभी बने केवल एक ही ब्रिज को क्यों तोड़ा गया है ? उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल खड़ा किया है और अफसरों पर मनमानी का आरोप लगाया है. मोहल्लेवासियों ने कहा है कि कार्रवाई सभी पर होना चाहिए.

 



दूसरी ओर, जल संसाधन विभाग के ईई हिरेन्द्र राठौर, मामले में बोलने से बचते नजर आए. खास बात यह है कि मोहल्ले वालों ने आपस में रुपये कलेक्शन करके ब्रिज बनवाया था, ताकि आवागमन बेहतर हो सके. इस तरह ब्रिज को तोड़े जाने से मोहल्ले वालों की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई है. मोहल्ले के लोगों का कहना है कि जल संसाधन विभाग को आवेदन दिया गया था, लेकिन विभाग ने पहल नहीं की तो उन्होंने आपस में राशि कलेक्शन कर ब्रिज बनवा लिया, जिसे अब प्रशासन ने तोड़ दिया है, जो गलत हुआ है. केवल एक जगह कार्रवाई से अफसरों की मंशा पर मोहल्लेवसियों ने सवाल खड़ा किया है.

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दरअसल, जिला मुख्यालय जांजगीर के आसपास मुख्य नहर के साथ ही माइनर नहर है, जहां नहर किनारे में जिला मुख्यालय के विकास के साथ बसाहट हो गई है, जिन्होंने नहर में आवागमन के लिए ब्रिज बना लिया है. इधर, अभी खोखरा माइनर नहर में मोहल्ले के कई घर के लोगों ने मिलकर ब्रिज बनाया है, जिसे जल संसाधन विभाग ने राजस्व अफसरों की मौजूदगी में तोड़ दिया है. कहा गया कि भूमाफिया ने ब्रिज को निजी लाभ के लिए बनवाया है, लेकिन यहां की बसाहट में अनेक घर है, जिनका आवागमन इस पुल से होता है. जल संसाधन विभाग के अफसरों ने पुल बनने से पानी के फ्लो रुकने का हवाला दिया है. अब सवाल यही है कि शहर में जब जगह-जगह नहर पर ब्रिज बनाए गए, तब यही अफसर कहां थे और अब एक जगह को तोड़ने के बाद क्या जगह भी यही अफसर कार्रवाई करेंगे ?

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बड़ा सवाल यह है कि जांजगीर की कई नहर के ऊपर बड़ी संख्या में ब्रिज बने हैं. शहर और आसपास क्षेत्र में यह आंकड़ा 100 पार कर जाएगा. बरसों से नहर के ऊपर ब्रिज बनते रहा है, लेकिन जल संसाधन विभाग के अफसर नहीं जागे. विडम्बना यह है कि जिस जगह के ब्रिज को तोड़ा जा रहा है, उसके बगल में 3 से ज्यादा ब्रिज बने हैं, जिन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है. इस तरह जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन की एकतरफा कार्रवाई से लोगों में आक्रोश है और अफसरों की मंशा पर भी सवाल उठना लाजिमी है ?

मामले में मौके पर मौजूद जांजगीर तहसीलदार राजकुमार मरावी ने कहा है कि बिना अनुमति के नहर के ऊपर ब्रिज बनाया गया था, इसलिए जल संसाधन विभाग के अफसरों की मौजूदगी में ब्रिज को तोड़ा गया है. नहर में बने अन्य ब्रिज को तोड़ने की बात पर तहसीलदार ने कहा कि जल संसाधन विभाग से जानकारी ली जाएगी और दूसरे ब्रिज को भी आगे तोड़ने की कार्रवाई की जाएगी. दूसरी जल संसाधन विभाग के ईई हिरेन्द्र राठौर, मामले में बोलने से बचते नजर आए.

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