अकलतरा. श्री ऋषभ विद्योदय महाविद्यालय एवं श्री ऋषभ औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान बनाहिल के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय सेवा योजना का स्थापना दिवस बड़े ही हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया. इस अवसर पर संस्था के गोद ग्राम पकरिया झूलन में कार्यक्रम अधिकारी अरविंद कुमार और दुर्गा टंडन के नेतृत्व में एक दिवसीय शिविर लगाकर स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया. स्वयंसेवकों ने गांव की गलियों, प्रमुख चौक चौराहों, चबूतरों और सामुदायिक भवन की साफ सफाई कर श्रमदान का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया. साथ ही, ग्रामीणों के पेयजल स्थल हैंडपंप और बोर के आसपास फैली गंदगी को साफ कर लोगों को स्वच्छता का महत्व समझाया. अभियान के दौरान शिक्षा से ही होगा देश का विकास, नशा छोड़ो जीवन जोड़ो और हम सबने यह ठाना हैं. राष्ट्र को स्वच्छ बनाना है जैसे नारों से जन जागरूकता की गई. राष्ट्रीय सेवा योजना स्थापना दिवस के अवसर पर गोद ग्राम पकरिया झूलन में ऐसा भावुक दृश्य देखने को मिला, जिसने सेवा के अर्थ को सार्थक कर दिया. स्वयंसेवकों द्वारा चलाए गए स्वच्छता अभियान को देखकर गोद ग्राम पकरिया झूलन के सरपंच, समस्त पंचगण, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन दीदियां, जन समुदाय और युवा साथी स्वयं आगे आए और स्वयंसेवकों के इस प्रयास की दिल से सराहना की.








ग्रामीणों ने कहा कि महाविद्यालय के बच्चों ने जिस समर्पण से हमारे गाँव की गलियों, चौक-चौराहों और पेयजल स्थलों को साफ किया है, वह सिर्फ सफाई नहीं, बल्कि हमारे गांव के प्रति उनका प्रेम और अपनापन है. सरपंच ने कहा कि ऐसे युवा ही हमारे गांव और देश का भविष्य हैं. आंगनबाड़ी और मितानिन दीदियों ने भावुक होते हुए कहा कि इन बच्चों ने आज हमें सिखा दिया कि सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है. इस अवसर पर ग्राम पंचायत और समस्त जन समुदाय ने महाविद्यालय परिवार और राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त किया.
इसी अवसर पर सेवा संकल्प अभियान के तहत महाविद्यालय परिसर में कबाड़ से जुगाड़ कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया. जिसमें छात्र छात्राओं ने अनुपयोगी वस्तुओं से उपयोगी सामग्री बनाकर अपनी रचनात्मकता का परिचय दिया.
इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी अरविंद मिरी ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं को राष्ट्र की मुख्यधारा से जोड़ने का सबसे सशक्त माध्यम है. जब एक स्वयंसेवक सेवा के लिए आगे आता है तो वह सिर्फ गांव को स्वच्छ नहीं करता, वह अपने जीवन में सेवा, संस्कार और जिम्मेदारी का भाव जगाता है. यहीं संस्कार उसे जीवन में एक अच्छा नागरिक और राष्ट्र का सच्चा सिपाही बनाता है.
वहीं कार्यक्रम अधिकारी दुर्गा टंडन ने कहा कि सेवा का अर्थ केवल सफाई करना नहीं बल्कि संवेदना है. बेटियों ने जिस तरह बढ़ चढ़कर भाग लिया है, वही इस समाज में बदलाव लाएगा. कबाड़ से जुगाड़ की तरह ही हमें समाज की बुराइयों को भी अच्छाई में बदलना है. ग्रामीणों ने महाविद्यालय के इस प्रयास की सराहना की. इस अवसर पर दोनों संस्थाओं के स्वयंसेवक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे.
इस कार्यक्रम में राहुल राठौर, अनुज जैन, संध्या सिंह, सरिता पटेल, मनीषा कश्यप, श्रीयांश साहू, संदीप कुर्रे, अशोक पाण्डेय, अनामिका सिंह, सुनीता पाण्डेय, पायल दास, रश्मि मरकाम, समरीन मिर्जा, राजेश, भास्कर कश्यप, विद्या जायसवाल, अविनाश चौहान, नरेंद्र पाटले, मनीष गंधर्व, आकाश दास, नीरज निर्मलकर, बृजनंदन पटेल, द्वाशराम कश्यप एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक,एनसीसी के कैडेट एवं समस्त महाविद्यालयीन छात्र-छात्राएं भी उपस्थित रहे।



