छत्तीसगढ़ न्यूज Raipur: इन गर्मियों में नहीं होगी कमी, जानिए आप रोज कितना पानी कर सकेंगे इस्तेमाल

रायपुर के लिए अच्छी खबर है. गर्मी आने से पहले ही नगर निगम ने तैयारी कर ली है. अब पिछले साल के मुकाबले 40 एमएलडी पानी ज्यादा मिलेगा. इससे हर व्यक्ति को औसतन रोज 188 लीटर पानी मिलेगा.

रायपुर. गर्मी का मौसम आने से पहले ही राजधानी के लिए अच्छी खबर है. अब रायपुरवासियों को 300 MLD पानी (30 करोड़ लीटर) पानी मिलेगा. ये पिछली पानी की सप्लाई से 40 MLD ज्यादा है. इसके लिए नगर निगम ने 5 नई टंकियों का निर्माण भी किया है. अब शहर में टंकियों की संख्या 43 हो गई है.
गौरतलब है कि रायपुर की आबादी करीब 15 लाख है और इस हिसाब से हर व्यक्ति को रोज औसतन 163 लीटर पानी की सप्लाई की जा रही थी. अब यह सप्लाई औसतन 188 लीटर पानी मिलने लगेगा. पिछले दो साल से भाठागांव परिसर के फिल्टर प्लांट की क्षमता बढ़ाने का काम चल रहा था. इसका 60 फीसदी काम पूरा हो गया है. पांच नई टंकियों को इस प्लांट से भरा जाएगा और 50 हजार और घरों तक पानी पहुंचाया जाएगा. इनकी सप्लाई लाइनें तैयार हैं.
इन जगहों पर पहली बार होगा पानी सप्लाई
नगर निगम जिन इलाकों में पहली बार नल से नदी का पानी सप्लाई करेगा उनमें राम नगर, श्याम नगर, कचना, आमासिवनी और देवपुरी शामिल हैं. इन टंकियों से रोजाना लोगों को 124 लाख लीटर पानी सप्लाई किया जाएगा. बताया जा रहा है है नगर निगम ने पुरानी 38 टंकियों की मोटरें भी ठीक कराई हैं, ताकि टंकी से दूर वाले छोर तक भी प्रेशर से पानी पहुंचाया जा सके.
फिल्टर प्लांट की क्षमता बढ़ाने के प्रयास
फिल्टर प्लांट की क्षमता बढ़ाने के लिए छह पंपों को बदलकर 675 हार्सपावर के छह नए पंप लगाए जा रहे हैं. तीन पंप बदलने का काम पूरा हो चुका है. चौथा मार्च-अप्रैल तक बदलने का दावा किया जा रहा है. इस तरह रायपुर को अतिरिक्त पानी की सप्लाई का पूरा इंतजाम कर लिया गया है.
इन इलाकों को होगा फायदा, अभी तक हैंडपंप पर निर्भर
जानकारी के मुताबिक, रायपुर के आउटर इलाकों कचना, आमासिवनी, देवपुरी और आसपास के 10 हजार से ज्यादा घरों में अभी भी नल का पानी नहीं पहुंचता है. यहां लोग नलकूप या बोर पर ही निर्भर हैं. निगम गर्मी में दिक्कत बढ़ने पर टैंकरों से पानी की सप्लाई करता रहा है. टंकियां शुरू होने से यह दिक्कत दूर हो जाएगी. इधर, शहर के भीतरी इलाकों में लोग टेलएंड तक पानी नहीं पहुंचने से परेशान हैं. नल होने के बावजूद प्रेशर नहीं होने के कारण पानी आखिरी छोर के घरों तक नहीं जा रहा है.



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