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आदिवासी विकास विभाग के सैकड़ों आकस्मिक निधि कर्मचारियों को 7 माह से वेतन के लाले, आर्थिक मुफलिसी झेल रहे कर्मचारी महीनों से काट रहे दफ्तरों के चक्कर, ब्याज लेकर घर चलाने को मजबूर, समस्या पर नहीं हो रही कोई पहल

जांजगीर-चाम्पा. जिले के आदिवासी विकास विभाग में आकस्मिक निधि के तहत कार्यरत सैकड़ों कर्मचारियों को 7 माह से वेतन के लाले पड़ गए हैं. आर्थिक परेशानी से जूझ रहे आकस्मिक निधि के कर्मचारियों ने अपनी समस्या से कलेक्टर और आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर 2 माह पहले अवगत कराया था, लेकिन अभी तक कोई पहल नहीं की गई है. ऐसे में आकस्मिक निधि के इन कर्मचारियों की मुश्किलें बढ़ गई है. ये कर्मचारी, वेतन के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन इनकी समस्या पर अब तक किसी अधिकारी ने पहल नहीं की है.

कर्मचारियों का कहना है कि वेतन के अभाव में कर्मचारियों के परिवार की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई है. ब्याज लेकर घर चलाने की नौबत आ गई है, लेकिन अधिकारियों को कोई सरोकार नहीं है. 2 माह पहले लिखित ज्ञापन देकर कलेक्टर और आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त को अवगत कराया गया था, लेकिन आकस्मिक निधि के कर्मचारियों की समस्याओं के निराकरण करने कोई पहल नहीं की गई है, जिससे कर्मचारियों में भारी निराशा है. आर्थिक परेशानी से जूझते हुए भी वे लगातार काम कर रहे हैं, लेकिन उनकी मेहनत की फिक्र किसी को नहीं है.
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