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मध्यप्रदेश के 27 प्रवासी श्रमिकों को मिला कोटमीसोनार में मिला आश्रय, जिले के 20 हजार 894 लोगों को मिला निशुल्क भोजन और राशन

जांजगीर-चांपा. मध्यप्रदेश के उमरिया जिले के रहने वाले 27 प्रवासी श्रमिकों को तहसीलदार द्वारा कोटमीसोनार स्थित कन्या छात्रावास में  आश्रय दिया गया इन सभी लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया और भोजन की व्यवस्था की गई। ये सभी मध्यप्रदेश के उमरिया जिले के तहसील बांधवगढ़ के ग्राम चंदनपुर के रहने वाले हैं। ये लोग गैस चूल्हा कुकर आदि की मरम्मत करने और आजीविका के लिए छत्तीसगढ़ आए थे। कोविड-19 के संक्रमण के नियंत्रण के लिए लाग डाउन के कारण यहां रुके हुए थे। इनमें 10 पुरुष 8 महिला और 9 बच्चे शामिल है। तहसीलदार अकलतरा तहसीलदार अकलतरा द्वारा ग्राम करूंमहू गांव के पास इन्हें पैदल जाते हुए देखा गया इन्हें रोककर कन्या छात्रावास कोटमीसोनार में आश्रय दिया गया।
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कलेक्टर जेपी पाठक के निर्देश पर अन्य राज्यों, जांजगीर,  छत्तीसगढ़ के जिलों के ऐसे लोग जो लाक डाऊन के कारण संकटापन्न स्थिति में है, उनके आवास भोजन चिकित्सा सहित अन्य सुविधाओं का ध्यान रखा जा रहा है।
झारखंड के 5 प्रवासी श्रमिकों को पंतोरा राहत शिविर में मिला सहारा-
हैदराबाद से झारखंड पैदल जा रहे 5 प्रवासी श्रमिकों को बलौदा के पास बंछोर बेरियर  पहुंचने पर तहसीलदार बलौदा द्वारा उन्हें पंतोरा राहत शिविर में सुरक्षित ठहरा गया और इन सभी की स्वास्थ्य जांच कराई गई।
20 हजार 894 लोगों के लिए की गई राशन और भोजन की व्यवस्था –
जिले में कलेक्टर जेपी पाठक के मार्गदर्शन में जिले के  स्वयंसेवी संगठनों के सहयोग से 19 अप्रैल तक 20हजार 894 लोगों को निशुल्क राशन और भोजन उपलब्ध कराया गया। रविवार तक जिले में 3953 लोगों को भोजन 14871 को सूखा राशन और स्वयंसेवी संगठनों के द्वारा 2070 लोगों को भोजन और खाद्यान्न का वितरण किया गया।

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