सेलून और पान दुकान को खोलने की सशर्त अनुमति, जिला दंडाधिकारी ने जारी किया आदेश

जांजगीर-चांपा. कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी जेपी पाठक पाठक ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा कोरोना वायरस के रोकथाम के लिए संदर्भ में जांजगीर-चांपा जिले को  ग्रीन जोन में वर्गीकृत किया गया है । गृह मंत्रालय भारत सरकार के आदेश के अनुसार अनुमति प्राप्त दुकानों का संचालन करने की सशर्त अनुमति प्रदान की गई है। आदेश के परिपालन में पान दुकान एवं सैलून, नाई दुकान को प्रातः 9:00 बजे से दोपहर 4:00 बजे तक सोशल डिस्टेंसिंग, फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए 50 % कर्मचारियों की उपस्थिति मास्क पहनने के निर्देश में संचालन करने की अनुमति दी गई है।
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सेलून दुकान का संचालन निम्न शर्तों पर दिया गया है-
दुकान में सैनिटाइजर हाथ धोने के लिए साबुन एवं पानी की व्यवस्था करनी होंगी। सोशल- फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। सैलून संचालकों को प्रत्येक व्यक्ति के सेविंग बाल काटने के पश्चात अस्तूरा, शेविंग ब्रश एवं कुर्सी को सैनिटाइज करना अनिवार्य होगा। दुकान में आने वाले सभी ग्राहकों को मास्क पहनना अनिवार्य होगा । दुकान में वेटिंग करने हेतु अलग से कुर्सी नहीं रखा जाएगा । बाल कटिंग, सेविंग ड्राई के समय ग्राहक को स्वयं के द्वारा टावेल कपड़ा लाना अनिवार्य होगा ।
किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना के लिए सेलून संचालक स्वयं जिम्मेदार होंगे ।
पान ठेला के संचालन के संदर्भ में निम्नलिखित शर्तें रखी गई है –
ठेले में हाथ धोने के लिए साबुन एवं पानी की व्यवस्था करना अनिवार्य होगा।  सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा । दुकान संचालन तंबाकू युक्त सिगरेट गुटका, तंबाकू पाउच नहीं रखा जाएगा। दुकान में आने वाले सभी ग्राहकों को मास्क पहनना अनिवार्य होगा। दुकान में वेटिंग करने हेतु अलग से कुर्सी नहीं रखी जाएगी किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना के लिए पान दुकानदार ठेला संचालक स्वयं जिम्मेदार होंगे।
हॉटस्पॉट एवं कंटेंनमेंट  जोन घोषित होने की दशा में शासन द्वारा पूर्व में लाकडाउन के संबंध में जारी निर्देश के अनुसार प्रभावी होंगे तथा इन अतिरिक्त गतिविधियों को निष्पादन करने की अनुमति हॉटस्पॉट एवं कंटेनमेंट जोन में नहीं होगी ।
दिशा निर्देश एडवाइजरी आदेश की शर्तों का उल्लंघन करते हुए पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 से 60 भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 188 तथा अन्य सुसंगत विधिक प्रावधानों के अंतर्गत कार्रवाई के भागी होंगे।



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