जांजगीर-चाम्पा

गंभीर कुपोषित बच्चों के उपचार के लिए सभी एनआरसी चालू रहेंगें : कलेक्टर, समय सीमा बैठक में कलेक्टर के निर्देश

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जांजगीर-चांपा. कलेक्टर यशवंत कुमार ने आज जिला कार्यालय में आयोजित समयसीमा बैठक में विभागीय कामकाज की समीक्षा करते हुए कहा कि गंभीर कुपोषित बच्चों के उपचार के लिए जिले के सभी एनआरसी (पोषण पुनर्वास केन्द्र) चालू रहेंगे। एनआरसी की क्षमता के अनुरूप शतप्रतिशत बेड पर गंभीर कुपोषित बच्चों को भर्ती कराने की जिम्मेदारी महिला एवं बाल विकास विभाग की होगी। एन आर सी में भर्ती बच्चे और उनके साथ अभिभावक मां को सभी उपलब्ध सुविधाओं का लाभ मिले यह स्वास्थ्य विभाग द्वारा सुनिश्चित किया जाय। कलेक्टर ने कहा कि उपचार से लाभांवित बच्चों के स्वास्थ्य की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। एनआरसी में उपलब्ध सामाग्री खिलौने, टीव्ही, फर्नीचर, बेड आदि उपयोगी हालत में हो, समय समय पर इसकी भी समीक्षा होगी।

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राजस्व विभाग में आवेदन समय सीमा के बाद लंबित न रहे-

कलेक्टर ने राजस्व विभाग के अधिकारियों से कहा कि सीमाकंन, बटाकंन, बटवारा, रिकार्ड दुरूस्तिकरण आदि से संबंधित कोई भी आवेदन समय सीमा के बाद लंबित न रहे। उन्होंने कहा कि समय सीमा के बाद लंबित प्रकरणों के लिए संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे। कलेक्टर ने कहा कि शासकीय भूमि को अतिक्रमण से मुक्त रखने और अनाधिकृत निर्माण को रोकने की जिम्मेदारी भी राजस्व अधिकारियों की है। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि कालोनी निर्माण के लिए निमयानुसार निर्धारित प्रक्रिया के तहत अनुमति प्रदान की जाए। इसके लिए कालोनी निर्माण कराने वालो से निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुमति लेने के लिए राजस्व अधिकारी प्रेरित करें। साथ ही नियम विरूद्ध निर्माण होने पर कार्यवाही कर जिला कार्यालय को अवगत कराते हुए तोड़ने की भी कार्यवाही सुनिश्चित की जाय।

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मवेशियों को भी गौठान में लाना सुनिश्चित करवाए-

कलेक्टर ने वन और उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे नर्सरी लगाने के लिए जिले के गौठानो में तैयार किये जा रहे कम्पोस्ट खाद की खरीदी करें। जिससे खाद तैयार करने वाली महिला स्व-सहायता समूहों को प्रोत्साहन मिले। उन्होंने जनपद पंचायत के सीईओ से कहा कि गौठानों से संबंधित गतिविधियां गौठान परिसर में ही संचालित हों। गौठान प्रतिदिन निर्धारित अवधि में खुला रहे और मवेशियों को भी गौठान में लाना सुनिश्चित करवाएं। गोबर खरीदी की मात्रा के विरूद्ध निर्धारित अनुपात में कम्पोस्ट खाद तैयार हो यह सुनिश्चित करें ,इस पर सतत निगरानी रखें ।

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धान को सुरक्षित रखने जिम्मेदारी संबंधित समिति प्रभारियों की-

कलेक्टर ने धान खरीदी से संबंधित अधिकारियों से कहा कि संग्रहण केन्द्रों और उपार्जन केन्द्रों में रखे हुए धान को समुचित उपाय कर सुरक्षित रखने का कार्य संबंधित समिति प्रभारियों की है। जिला खाद्य अधिकारी, सहकारी बैंक के नोडल अधिकारी और जिला विपणन अधिकारी की जिम्मेदारी है कि वे इसकी सतत निगरानी कर धान की सुरक्षा सुनिश्चित करवाएं। धूप, पानी और चूहो से धान को सुरक्षित रखने के लिए निर्देशानुसार कार्यवाही किया जाय।
बैठक में अपर कलेक्टर श्रीमती लीना कोसम, एसएस पैकरा, संयुक्त कलेक्टर सचिन भूतड़ा, डिप्टी कलेक्टर, सभी एसडीएम सहित विभिन्न विभागो के जिला अधिकारी उपस्थित थे।


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