40 Years Of Kaalia : जिन डायलॉग्स को बोलने के लिए नहीं थे Amitabh Bachchan तैयार, उन्हें आज भी दोहराते हैं लोग…

40 Years Of Kaalia: बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) अपनी दमदार आवाज, शानदार डायलॉग डिलेवरी से लोगों को अपना दीवाना बना देते हैं.



आज भी लोग उनकी आवाज़ के कायल हैं. वहीं, बिग बी की कई फिल्में ब्लॉकबस्टर साबित हुई हैं जिनमें से एक है ‘कालिया’ (Kaalia). ये फिल्म 25 दिसंबर 1981 में रिलीज हुई थी, जिसे टीनू आनंद (Tinnu Anand) ने डायरेक्ट किया था. अमिताभ बच्चन के साथ फिल्म में परवीन बाबी (Parveen Babi), आशा पारेख (Asha Parekh), अमजद खान (Amjad Khan) और कादर खान (Kader Khan) भी मुख्य भूमिकाओं में थे. फिल्म को दर्शकों ने खूब प्यार दिया था. अमिताभ बच्चन की शानदार डायलॉग डिलेवरी ने हर किसी का दिल जीता था. आज इस फिल्म की रिलीज़ को पूरे 40 साल हो गए हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि अमिताभ इस सुपरहिट फिल्म में काम नहीं करना चाहते थे.

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फिल्म ‘कालिया’ का डायलॉग ‘हम जहां खड़े होते हैं, लाइन वहीं से शुरू होती है’ जिसे आज भी लोग दोहराते हैं. वहीं, इस फिल्म के डायलॉग कादर खान ने लिखे थे. वो एक बेहतरीन एक्टर के साथ-साथ कमाल के स्क्रिप्ट राइटर भी थे. वहीं, फिल्म की कहानी इंदर राज आनंद ने लिखी थी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमिताभ बच्चन इस फिल्म के एक डायलॉग को बोलने के लिए राज़ी नहीं थे और इसी वजह से टीनू आनंद के साथ उनकी काफी बहस भी हुई. हालांकि, बाद में अमिताभ को मानना पड़ा. वो डायलॉग था ‘तू आतिश-ए-दोजख से डराता है, वो आग को पी जाते हैं पानी करके, चला दीजिए गोली’. ये डायलॉग दर्शकों को खूब पसंद आया था.

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमिताभ बच्चन फिल्म ‘कालिया’ में काम ही नहीं करना चाहते थे. लेकिन टीनू आनंद भी अमिताभ के साथ ही फिल्म बनाने को लेकर जिद पर अड़ थे. लगभग 6 महीने बाद अमिताभ स्टोरी सुनने के लिए राज़ी हुए और कहानी सुनाते ही उन्होंने बिग बी से पूछा कि ‘शूटिंग कब से शुरू करनी है’.अमिताभ ने भी टीनू के इस अंदाज़ से खुश होकर फिल्म के लिए हामी भर दी. फिल्म रिलीज़ हुई और हर कोई जानता है कि ये फिल्म अमिताभ के करियर के लिए मील का पत्थर साबित हुई.

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