मुख्यमंत्री ने छग में धान खरीदी की अवधि एक सप्ताह बढ़ाने का किया ऐलान, कहा, किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं

रायपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य के किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए आज एक बड़ा फैसला लिया। राज्य में समर्थन मूल्य में धान खरीदी की अपने निवास कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने धान खरीदी की निर्धारित अवधि में एक सप्ताह की वृद्धि किए जाने का एलान किया। राज्य में अब 7 फरवरी तक किसानों से धान खरीदी की जाएगी। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री अमरजीत भगत भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

 



बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, खाद्य सचिव टोपेश्वर वर्मा, सहकारिता सचिव हिमशिखर गुप्ता, नान के एमडी निरंजन दास सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने धान उपार्जन की अद्यतन स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सीधे सोसायटियों से मिलर्स द्वारा धान का उठाव किए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे उपार्जित धान के परिवहन व्यय बचने के साथ ही कस्टम मिलिंग तेजी से होगी। मुख्यमंत्री ने अप्रैल माह तक शत-प्रतिशत धान का उठाव सुनिश्चित करने के साथ ही कस्टम मिलिंग के काम मेें तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने धान के उपार्जन के साथ-साथ किसानों की राशि के भुगतान का भी विशेष रूप से ध्यान देने को कहा। मुख्यमंत्री ने एफसीआई में आज की स्थिति में 6 लाख मीट्रिक टन चावल जमा कराए जाने को एक उपलब्धि बताया और इसकी सराहना की।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि एफसीआई में लगातार लक्ष्य के अनुरूप चावल जमा होते रहे, यह हर हाल में सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
बैठक में खाद्य सचिव श्री टोपेश्वर वर्मा ने बताया कि राज्य में 21 जनवरी की स्थिति में 78.92 लाख मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया जा चुका है, जो कि इस साल के अवमानित लक्ष्य का 75 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि इस साल धान बेचने के लिए 24 लाख 5 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है। धान का पंजीकृत रकबा 30 लाख 21 हजार हेक्टेयर है। इस साल पंजीकृत किसानों की संख्या में 2 लाख 52 हजार तथा रकबे में 2 लाख 28 हजार हेक्टेयर की वृद्धि हुई है, जो कि गत वर्ष की तुलना में क्रमशः 11.76 प्रतिशत एवं 8.20 प्रतिशत अधिक है।

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उन्होंने बताया कि अब तक लगभग 19 लाख किसान धान बेच चुके हैं। समर्थन मूल्य पर क्रय किए जा चुके धान का मूल्य 15 हजार 335 करोड़ रूपए है। किसानों को शत-प्रतिशत राशि का भुगतान किया जा चुका है। किसानों द्वारा इस साल 71 हजार गठान बारदाना धान खरीदी के लिए उपलब्ध कराया गया, जिसकी कुल राशि 88.20 करोड़ रूपए का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि उपार्जित धान में से 41 लाख मीट्रिक टन का उठाव किया जा चुका है। धान खरीदी के लिए राज्य में पर्याप्त बारदाना उपलब्ध है।

राज्य में अब शेष अवधि में धान की खरीदी के लिए 1.30 लाख गठान बारदाने की आवश्यकता होगी, जबकि इसके लिए 1.52 गठान बारदाना उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि इस साल उपार्जित धान के एवज में एफसीआई में लगभग 6 लाख मीट्रिक टन तथा नान में 4.63 लाख मीट्रिक टन इस प्रकार कुल 10.57 लाख मीट्रिक टन जमा कराया जा चुका है।

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