प्रदेश में डेढ़ हजार सहायक प्राध्यापकों की होगी भर्ती, 200 कॉलेजों में स्मार्ट क्लास, उच्च शिक्षा मंत्री ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस

भोपाल: 1500 assistant professors recruited उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अहम जानकारी देते हुए उच्च शिक्षा विभाग की प्लानिंग की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि देश में नई शिक्षा नीति सबसे पहले MP में लागू हुई है। नई शिक्षा नीति के तहत एक सत्र की पढ़ाई पूरी कर ली गई है। प्रदेश में करीब डेढ़ हजार सहायक प्राध्यापकों की भर्ती की जाएगी।



1500 assistant professors recruited उन्होंने कहा कि प्रदेश के 200 महाविद्यायलों में स्मार्ट क्लास होगी, 10 संभाग में डिजिटल स्टूडियो की स्थापना होगी और छात्र छात्राओं के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की भी स्थापना की जाएगी। डेढ़ हजार सहायक प्राध्यापकों की भर्ती की जाएगी।

 

उच्च शिक्षामंत्री ने कहा कि 200 स्मार्ट क्लास रूम, 10 डिजिटल स्टूडियो की स्थापना होगी, लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम प्रारंभ करेंगे। 1500 से अधिक असिस्टेंट प्रोफेसर, लाइब्रेरियन, स्पोर्ट्स ऑफिसर्स की भर्ती होगी। विद्यार्थियों की शिकायत को हल करने हेतु ऑनलाइन प्लेटफार्म प्रारंभ करेंगे।

इसे भी पढ़े -  Sakti News : नपा अध्यक्ष श्याम सुंदर अग्रवाल ने रथ को दिखाई हरी झंडी, सक्ती में विश्व क्षय दिवस पर 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान का शुभारम्भ

 

ऑनलाइन लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम लांच किया जाएगा। विद्यार्थियों की शिकायत को हल करने के लिए ऑनलाइन प्लेटफार्म प्रारंभ करेंगे। सभी महाविद्यालयों में आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस तीनों विषयों की पढाई की व्यवस्था होगी।

 

डिजिटल यूनिवर्सिटी, स्किल यूनिवर्सिटी खोलने के लिए कांसेप्ट नोट बना रहे है। डिजिटल यूनिवर्सिटी के लिए एक टीम आईआईटी, केरल का दौरा करेगी।

 

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत परंपरागत उच्च शिक्षा को अधिक रोजगार मूलक और कौशल युक्त बनाने का प्रयास किया गया है। वैकल्पिक और वोकेशनल विषयों को प्रारंभ किया गया। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने जैविक खेती, पर्सनालिटी डेवलपमेंट जैसे विषयों को चुना है।

इसे भी पढ़े -  Honda City Facelift हो सकती है लॉन्‍च, टेस्टिंग के दौरान दिखी कार से मिली यह जानकारी

 

विश्वविद्यालय स्तर पर प्रारम्भ किये गए कृषि पाठ्यक्रमों को विद्यार्थियों ने सराहा है। प्रदेश के 150 शासकीय महाविद्यालयों का गुणवत्ता अध्ययन केन्द्र के रूप में उन्नयन किया गया।

 

उन्होंने कहा कि वर्तमान में 104 शासकीय महाविद्यालय एवं 30 निजी महाविद्यालय नैक द्वारा प्रत्यायित हैं। सत्र 2021-22 में प्रदेश के 6 शासकीय महाविद्यालयों में नैक मूल्यांकन हुआ, जिसमें शासकीय माधव विज्ञान महाविद्यालय,उज्जैन को A+ग्रेड प्राप्त हुआ। वर्तमान में 7 शासकीय महाविद्यालय A ग्रेड प्राप्त हैं।

 

प्रथम चरण में 56 महाविद्यालयों, द्वितीय चरण में 120 और तृतीय चरण में 100 महाविद्यलयों को नैक ग्रेड के लिए चयनित किया जा रहा है। वर्ष 2023 तक प्रदेश के अधिक से अधिक पात्र महाविद्यालयों को नैक द्वारा प्रत्यायित किये जाने का लक्ष्य है।

इसे भी पढ़े -  क्या Jasprit Bumrah हैं इंजर्ड? IPL 2026 से पहले Mumbai Indians की बढ़ी चिंता

error: Content is protected !!