Purple Cap Winners in IPL History 2022 : ये हैं आइपीएल इतिहास के पर्पल कैप विजेता, स्पिन की तुलना में तेज गेंदबाजों ने मारी है बाजी

नई दिल्ली. आइपीएल 2022 की शुरुआत 26 मार्च से हो रही है जो 29 मई तक चलेगी। टी20 बल्लेबाजों का खेल कहा जाता है लेकिन आइपीएल के हर सीजन में एक नए गेंदबाज ने साबित किया है कि वे अपनी गेंदबाजी से किसी भी फार्मेट में बल्लेबाजों को न केवल परेशान कर सकते हैं

 



बल्कि अपने दम पर मैच भी जिता सकते हैं। कगिसो रबाडा, जसप्रीत बुमराह जैसे गेंदबाजों ने अपने टीम के लिए ये कई बार किया भी है लेकिन क्या आप जानते हैं कि अब तक हुए आइपीएल के 14 सीजन में किस-किस गेंदबाज ने अपना लोहा मनवाया है।

पिछले साल हुए आइपीएल की बात करें तो रायल चैलेंजर्स बैंगलोर के गेंदबाज हर्षल पटेल ने 32 विकेट लेकर पर्पल कैप अपने नाम किया था। आइपीएल का 13वां सीजन दिल्ली कैपिटल्स के गेंदबाजों के नाम रहा जहां कगिसो रवाडा ने 30 विकेट लिए और इस कैप के हकदार बने।

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12वां सीजन स्पिन गेंदबाज के नाम रहा। इस सीजन में सीएसके के गेंदबाज इमरान ताहिर ने 26 विकेट झटके तो आइपीएल के 11वें सीजन में किंग्स इलेवन पंजाब के एंड्रयू टाय ने 24 विकेट लेकर पर्पल कैप अपने नाम किया।

आइपीएल 2016 और 2017 दोनों सीजन में भारतीय गेंदबाजी छायी रही और भुवनेश्वर कुमार ने क्रमश: 23 और 26 विकेट लेकर पर्पल कैप अपने नाम किया।

2013, 2014 और 2015 में पर्पल कैप सीएसके के गेंदबाजों के नाम रहा जहां 2013 में ड्वेन ब्रावो ने 32 और 2015 में 26 तो 2014 में मोहित शर्मा ने 23 विकेट लेकर पर्पल कैप अपने नाम किया।

2012 के सीजन में दिल्ली के मोर्न मोर्कल ने 25 विकेट लिए तो 2011 में लसिथ मलंगा ने 28 विकेट लेकर पर्पल कैप का खिताब जीता।

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2009 और 2010 के सीजन में भारतीय गेंदबाजों का जलवा रहा जहां दिल्ली की ओर से खेलते हुए आर पी सिंह ने 2009 में 23 जबकि प्रज्ञान ओझा ने 2010 में 21 विकेट लेकर सीजन में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बनने का गौरव हासिल किया।

आइपीएल का पहला सीजन जो कि राजस्थान रायल्स ने शेन वार्न की कप्तानी में जीतकर सबकों चौका दिया था उस सीजन में पर्पल कैप के हकदार पाकिस्तान के गेंदबाद शोहेल तनवीर बने थे जिन्होंने राजस्थान की ओर से खेलते हुए 22 विकेट लिए और टीम को चैंपियन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आइपीएल के 15वें सीजन में किसके माथे ये ताज सजेगा ये तो वक्त बताएगा लेकिन अब तक के आंकड़े यही बताते हैं कि तेज गेंदबाज स्पिन गेंदबाज पर भारी रहे हैं।

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