कॉस्मेटिक का सामान बेचकर कभी अपना घर परिवार चलाते थे अरशद वारसी, इस तरह से बॉलीवुड में बनाये अपनी खास पहचान

हमारी बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री में कई ऐसे अभिनेता मौजूद रहे हैं, जिन्हें फिल्मों में लीड रोल्स से कहीं अधिक लोकप्रियता और सफलता साइड रोल्स ने दिलाई है, और इन्हीं रोल्स की बदौलत इन्होंने लाखों फैंस के दिलों में खुद की एक अहम पहचान भी बनाई है| ऐसे मैं अपनी आज की इस पोस्ट के जरिए भी हम आपको बॉलीवुड के एक ऐसे ही मशहूर और जाने-माने अभिनेता से मिलाने जा रहे हैं, जोआने वाली 19 अप्रैल, 2022 यानि कल की तारीख को अभिनेता 54 साल के होने वाले हैं|



बॉलीवुड के अभिनेता कोई और नहीं बल्कि अरशद वारसी हैं, जिनका जन्म 19 अप्रैल, 1958 को मुंबई में हुआ था| अरशद वारसी एक मुस्लिम परिवार से ताल्लुक रखते हैं, जिनके सिर से बेहद कम उम्र में ही अपने माता पिता का साया हट गया था, जिस वजह से इन्हें अपनी जिंदगी जीने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा और काफी संघर्षों से गुजरना पड़ा| पर इन्होंने कभी भी हार नहीं मानी, और आखिरकार आज अरशद वारसी बॉलीवुड के एक सफल एक्टर बन चुके हैं|

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बीच में छोड़ दी थीं 10वीं की पढ़ाई

शुरुआती दिनों की बात करें तो, अरशद वारसी का बचपन आर्थिक तंगी के हालातों में गुजरा है, और तब पैसों की कमी की वजह से उन्हें अपनी पढ़ाई को भी बीच में ही छोड़ना पड़ा| जानकारी के लिए बता दें, अरशद वारसी को अपनी पढ़ाई महज 10वीं की कक्षा में ही छोड़नी पड़ गई थी, क्योंकि उनके पास आगे की पढ़ाई के लिए पैसे नहीं थे|

 

17 साल की उम्र में घर-घर जाकर कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स बेचे

कम उम्र में ही उनके कंधों पर परिवार की जिम्मेदारियां भी आ गई थी, क्योंकि उनके माता-पिता बहुत कम उम्र में ही इस दुनिया में अकेला कर गए| ऐसे मैसेज 17 साल की उम्र में अरशद वारसी कॉस्मेटिक्स प्रोडक्ट्स को बेचने का काम करने लगे थे, जहां से उन्हें कुछ पैसे मिल जाते थे और उनकी रोजमर्रा की जिंदगी के लिए कुछ पैसे निकल जाते थे|

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डांस में थी रूचि

कुछ खबरों की माने तो ऐसा बताया जाता है कि काफी कम उम्र में ही अरशद वारसी को डांस में रुचि नजर आने लगी थी, और इसी वजह से उन्होंने शुरुआती दिनों में ही अकबर सामी डांस ग्रुप भी ज्वाइन कर लिया था, जहां से उन्होंने कुछ वक्त के लिए डांस प्रशिक्षण भी लिया|
धीरे-धीरे उनका झुकाव अभिनय की तरफ बढ़ने लगा, और फिर उन्होंने हिंदी सिनेमा में एक असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में काम करना शुरू कर दिया| एक असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में उन्होंने ठिकाना और काश जैसी फिल्मों में योगदान दिया, जिनका निर्देशन मुख्य रूप से महेश भट्ट द्वारा किया गया था|

बॉलीवुड में एक्टिंग कैरियर की शुरुआत

इसके बाद आखिरकार साल 1996 में अरशद वारसी को पहली बार फिल्मों में नजर आने का मौका मिला, और उन्हें पहली बार फिल्म तेरे मेरे सपने में देखा गया| हालांकि, अरशद वारसी की यह फिल्म सफल रही, लेकिन इससे उन्हें वह लोकप्रियता हासिल नहीं कर पाई जिसके यह हकदार थे| लेकिन इसके बाद साल 2003 में रिलीज हुई फिल्म मुन्ना भाई एमबीबीएस में इन्होंने सर्किट के किरदार को निभाया, और इससे ना केवल इन्हें काफी सफलता मिली, बल्कि इसके बाद तो इन्होंने दोबारा कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा|

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