Chhattisgarh : डीएमएफ के पैसे का दुरुपयोग कर रही है प्रदेश सरकार : चंदेल, नेता प्रतिपक्ष ने प्रदेश सरकार पर लगाया गंभीर आरोप

रायपुर. नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिला खनिज न्यास के पैसे का लगातार दुरुपयोग हो रहा है। प्रदेश की कांग्रेस सरकार जिस तरीके से बदहाली के दौर से गुजर रही है वह इस डीएमएफ के पैसे का उपयोग वेतन और पेंशन देने के लिए करने जा रही है। प्रदेश के कर्मचारियों और अधिकारियों को वेतन नहीं मिल पा रहा है। प्रदेश सरकार कर्मचारी अधिकारियों के डीए बढ़ोत्तरी नहीं कर रही है।

 



प्रदेश में अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत कर्मचारी अधिकारियों को आंदोलन को बलपूर्वक समाप्त करवा रहे हैं। यह इस बात को प्रमाणित करता है कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। इसलिए डीएमएफ के पैसे का उपयोग वेतन देने पर राज्य सरकार करने जा रही है।

नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने कहा कि जिस तरह से पूरे प्रदेश में डीएमएफ की राशि का दुरुपयोग हुआ है, वो किसी से छुपा नहीं है, राज्य की हर जिलों में स्थिति एक जैसे ही है। छत्तीसगढ के जांजगीर-चाम्पा, कोरबा जिले में डीएमएफ के पैसे का लगातार दुरुपयोग हुआ है। इसे लेकर भारी आक्रोश है। उन्होंने कहा कि पूरा प्रदेश जो आर्थिक बदहाली के दौर से गुजर रहा है, आने वाले दिनों में ये संकट और बढ़ सकता है।

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अधिकारी और कर्मचारियों को वेतन कि भी लाले पड़ पड़ रहे है इस सब के लिए प्रदेश कांग्रेस सरकार जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जरा भी गंभीर नहीं है, उनकी पूरी प्राथमिकता श्रीमति सोनिया और गांधी परिवार है। उन्हें प्रदेश कि जनता कि जरा भी चिंता नहीं है। जब भी कोई चुनावी समय आता है, वो प्रदेश के लिए प्रवासी मुख्यमंत्री के तौर पर काम करते हैं। इस समय उनका पूरा ध्यान हिमाचल के चुनाव पर है और वो जिस जिस जगह पर चुनाव पर गए है, इनको वहां की जनता ने करारा जवाब दिया है। इस समय उन्हें प्रदेश की जनता की हित का ध्यान रखना चाहिए लेकिन वह इसमें पूरी तरीके से असफल है।

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नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने कहा कि जिस तरीके से डीएमएफ के राशि का दुरुपयोग हुआ है, उसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि राज्य सरकार ने इन पैसों का उपयोग कहा किया है और जो भारी भ्रष्टाचार हुआ है उन दोषियो के खिलाफ सख्त कार्रवाई किया जाए। इस मामलें पर प्रदेश सरकार ने सदन में भी जवाब दिया है और इससे प्रश्न उठते हैं कि आखिरकार भ्रष्टाचार के मामले लगातार डीएमएफ को ले कर हो रहे है।

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