KisaanSchool : सबका कर्तब्य है धरोहर को सहेजकर रखना : अरुण पाण्डेय, वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू किसान स्कूल बहेराडीह में मनाया गया ‘विश्व धरोहर दिवस’

जांजगीर-चाम्पा. हमारी भारतीय संस्कृति को बनाये रखना और धरोहर को सहेजकर रखना हम सबका कर्तब्य है. चूंकि, हम भारतीय हैं और देश की आन, बान और शान को बनाये रखना हम सबका प्रथम कर्तब्य है.



उक्त बातें वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू किसान स्कूल बहेराडीह में ‘विश्व धरोहर दिवस’ के अवसर पर आयोजित पुरखा के सुरता पर आधारित कृषक संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुए एसबीआई आरसेटी जांजगीर के फेकेल्टी अरुण पाण्डेय ने कही। उन्होंने किसान स्कूल के संग्रहालय में वर्षो पुरानी विलुप्त चीजों को दान देने वाले छत्तीसगढ़ की किसानों को धरती पुत्र की संज्ञा देते कहा कि हमारे पुरखा की चीजों को आने वाले कई नई पीढ़ियों के लिए सहेजकर किसान स्कूल के संग्रहालय में रखना और इसका नाम धरोहर के रूप रखकर सेल्फी जोन के रूप में विकसित करना, अपने आप में न सिर्फ सराहनीय कदम है, बल्कि समाजहित, और देशहित में प्रसंसनीय कार्य है.

इसे भी पढ़े -  Sakti Big Accident : मामा गांव आई बच्ची की कार के कुचलने से हुई मौत, सड़क पर शव रखकर 3 घण्टे से चक्काजाम जारी, लोगों में आक्रोश, कार में की गई तोड़फोड़, मौके पर ASP, एसडीएम, तहसीलदार मौजूद, खरसिया-डभरा मुख्यमार्ग बाधित...

किसान स्कूल के संचालक दीनदयाल यादव ने कहा कि विश्व धरोहर दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के किसानों के द्वारा कई सालों पूर्व उपयोग किये जाने वाले क़ृषि उपकरण और घरेलू उपयोगी सामानों को किसान स्कूल के संग्रहालय अर्थात धरोहर में अपने नाम पर दान करने किसान आगे आ रहे हैं। प्रदेश के कोरबा समेत राजनांदगाव, बस्तर, कोरिया, जशपुर, बिलासपुर, धमतरी, कांकेर, कवर्धा, रायपुर आदि जिले के किसानों ने नागर, नहना, सिंघा, कोपर, चालगोटी, रेहचूल, ढेकी, जाता, हसिया, कजरोटी,झाँपी, डेढ़सरिया कुरो काठा पैली, ढेरा, मछुलिया, माची, बेलन, दौरी, जैसी अनेक प्रकार की पुरानी चीजों को यहाँ पर पहुंचकर अपने नाम से दान किया है।

 

धरोहर को सहेजने युवा पीढ़ी भी पीछे नहीं
पुरानी विलुप्त चीजों को सहेजकर रखने में युवा पीढ़ी के किसान भी पीछे नहीं है. विश्व धरोहर दिवस के मोके पर भी कई युवा किसानों ने सालों पुरानी विलुप्त चीजों को अपने नाम पर किसान स्कूल के संग्रहालय में दान किया है, वहीं एक छत के नीचे धरोहर को सहेजने में किसानों का जबरदस्त उत्साह दिखाई दे रही है.

कई राज्य के किसान भी होंगे शामिल
विश्व धरोहर दिवस के अवसर पर किसानों को संचालक दीनदयाल यादव ने बताया कि महाराष्ट्र समेत, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, उड़ीसा और झारखण्ड, आंध्र प्रदेश आदि प्रदेशों के किसानों ने भी यहां पर आने और सालों पुरानी विलुप्त चीजों को अपने नाम पर दान देने की बात कही है. कार्यक्रम में गांव के उपसरपंच चन्दा सरवन कश्यप, श्याम कंवर, जितेन्द्र यादव,बिहान की सक्रिय महिला ललिता यादव, पुष्पा यादव, बैंक सखी दीप्ती कश्यप, सकून यादव, राजाराम यादव, पिंटू कश्यप, उर्मिला यादव, पुष्पा यादव आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे.

error: Content is protected !!