40 करोड़ की नौकरी ठुकराई और दो साल में कमा डाले 4,000 करोड़ रुपये, फिजिक्सवाला के अलख पांडेय का कमाल

नई दिल्ली. फिजिक्सवाला की स्थापना उत्तर प्रदेश में प्रयागराज के एक ट्यूशन टीचर अलख पांडेय (Alakh Pandey) ने 2016 में की थी। उन्होंने अपने टीचिंग करियर की शुरुआत प्रयागराज के एक कोचिंग इंस्टीट्यूट से की थी जहां उनकी सैलरी 5,000 रुपये थी। आज उनकी कंपनी में हजारों लोग काम करते हैं जिनमें टीचर और टेक प्रोफेशनल्स शामिल हैं। पांडेय की सबसे बड़ी खासियत उनका अलग अंदाज है। अपने एनिमेटेड और हंसी-मजाक वाले स्टाइल से वह पढ़ाई को बेहद आसान बना देते हैं। उनका यही अंदाज शुरुआत में छोटे शहरों में उनकी लोकप्रियता का कारण बना। 2017 में उनके फॉलोअर्स की संख्या 4,000 थी जो 2019 में 22 लाख पहुंच गई।
बेचना पड़ा घर

 



अलख पांडेय एक्टर बनना चाहते थे। स्कूल-कॉलेजों में नुक्कड़ नाटक करने वाले अलख ने आठवीं कक्षा से ही ट्यूशन पढ़ाना शुरू किया। तब वे चौथी कक्षा के बच्चों को ट्यूशन पढ़ाते थे। 11वीं में पढ़ाई करने के दौरान नौवीं कक्षा के बच्चों को ट्यूशन पढ़ाया। अलख ने हाईस्कूल में 91 और इंटरमीडिएट में 93.5 फीसदी अंक हासिल किए। घर में आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई के साथ तीन हजार रुपये प्रतिमाह पर कोचिंग में पढ़ाना शुरू कर दिया था। परिस्थितियां ऐसी बनी कि पिता सतीश पांडेय और मां रजत पांडेय ने बेटे अलख और बेटी अदिति को पढ़ाने के लिए घर तक बेच दिया था।

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2016 में शुरुआत

साल 2010 में बिशप जॉनसन स्कूल एंड कॉलेज से 12वीं करने के बाद उनका एडमिशन एचबीटीआई कानपुर में बीटेक में हुआ। बीटेक की पढ़ाई के दौरान वह अपने लेक्चर के वीडियो बनाकर यूट्यूब पर अपलोड करने लगे। इस तरह ‘फिजिक्सवाला’ की शुरुआत एक यूट्यूब चैनल के रूप में हुई। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों को यह खूब पसंद आया। यूट्यूब पर व्यूज और सब्सक्राइबर बढ़ने लगे तो उन्होंने पूरा ध्यान लेक्चर वीडियो बनाकर अपलोड करने पर लगाना शुरू कर दिया।

​पढ़ाने का अलग अंदाज

तीन साल तक वह यू-ट्यूब पर फ्री वीडियो अपलोड करते रहे। कोरोना काल में उन्होंने जेईई-नीट (JEE-NEET) की तैयारी करने वाले बच्चों की परेशानी को देखते हुए ऐप तैयार कराया। काफी कम फीस पर उन्हें ऑनलाइन कोचिंग देनी शुरू की। प्रतियोगी परीक्षाओं, खासकर नीट की तैयारी करने वालों को उनका फिजिक्स पढ़ाने का अंदाज खासा पसंद है। वे बच्चों को फिजिक्स इस अंदाज में पढ़ाते हैं कि उन्हें विषय की समझ हो जाती है। कई बार कॉलेजों में भी टीचर अपने स्टूडेंट्स को उनके वीडियो देखने की सलाह देते हैं।

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​40 करोड़ का ऑफर ठुकराया

फिजिक्स और केमिस्ट्री के कठिन सवालों को आसानी से हल करने और उसे तैयारी करने वालों को समझाने की काबिलियत ने उन्हें खासा लोकप्रिय बनाया। अलख की लोकप्रियता का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि फिजिक्सवाला यूट्यूब चैनल को लाखों लोगों ने सब्सक्राइब किया है। रोजाना लाखों लोग उनके ऐप का इस्तेमाल करते हैं। अलख को अनएकेडमी ने 40 करोड़ रुपये सालाना पैकेज का ऑफर दिया था, लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया। इसी तरह 75 करोड़ रुपये में 10 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने का ऑफर भी उन्होंने स्वीकार नहीं किया।

यूनिकॉर्न का दर्जा

वर्ष 2020 में फिजिक्सवाला को अलख पांडेय ने कंपनी एक्ट में रजिस्टर्ड कराया। उनका चैनल अब एक कंपनी बन गया था। उनके साथ आईआईटी बीएचयू से इंजीनियरिंग करने वाले प्रतीक महेश्वरी जुड़े। प्रतीक ने बिजनेस संभाला तो अलख पूरी तरह से एकेडमिक्स में जम गए। इसके बाद कंपनी की लोकप्रियता बढ़ती गई और आज यह कंपनी 1.1 अरब डॉलर नेटवर्थ वाली कंपनी बन गई है। इसी के साथ कंपनी को यूनिकॉर्न बनने का गौरव भी हासिल हुआ। ऐसी स्टार्टअप कंपनियों को यूनिकॉर्न कहा जाता है जिनका मूल्यांकन एक अरब डॉलर पहुंच गया हो। यह देश की एकमात्र प्रॉफिटेबल एड-टेक यूनिकॉर्न कंपनी है। पिछले फाइनेंशियल ईयर में इसका रेवेन्यू 780 करोड़ रुपये रहा।

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2,500 करोड़ तक पहुंचने का लक्ष्य

कंपनी का दावा है कि फिजिक्सवाला से कोचिंग लेने वाले हजारों छात्र-छात्राओं ने मेडिकल और इंजीनियरिंग की परीक्षाओं में सफलता हासिल की है। कंपनी की स्थापना 2020 में होने के बाद से ही यह फायदे में है। वर्ष 2020-21 में कंपनी का कारोबार 24.52 करोड़ था, जिसमें 6.93 करोड़ का मुनाफा हुआ। मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में कंपनी ने 2,500 करोड़ रुपये रेवेन्यू का टारगेट रखा है।

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