UPSC पास करके बना IPS, 16 श्रृंगार में करता था ड्यूटी, खुद को कहता था ‘दूसरी राधा’. जानिए क्या थी वजह..

IPS Story: UPSC की परीक्षा आसान नहीं होती. काफी तैयारी के बाद कुछ ही प्रतिभाएं IAS, IPS बनने का मुकाम हासिल कर पाती हैं. इनमें से IAS, IPS बनने वाले कुछ अधिकारी अपने काम के साथ व्‍यवहार से भी चर्चा में आते हैं. ऐसे कई अधिकारियों की कहानियां चर्चित हुई हैं. कुछ अपने अच्छे कामों का वजह से, तो कुछ भ्रष्टाचार या अन्य गलत कारणों की वजह से सुर्खियों में रहे. लेकिन जिस पुलिस अधिकारी के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं, उसकी कहानी हमेशा चर्चा में रहती है.

 



 

 

ये कहानी है यूपी पुलिस के पूर्व आईजी डीके पांडा (DK Panda IG UP Police) की. जिनका पूरा नाम है देवेन्द्र किशोर पांडा. गौरतलब है कि डीके पांडा ने साल 2005 में अचानक से 16 श्रृंगार के साथ ड्यूटी पर आना शुरू कर दिया था. वह ड्यूटी के दौरान महिलाओं के अंगवस्त्र में रहते थे. यहां तक कि उन्होंने खुद को कृष्ण की दूसरी राधा घोषित कर दिया था.

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उनका कहना था कि भगवान कृष्ण ने खुद उनके सपने में आकर कहा था कि वह उनकी प्रेमिका हैं. रिपोर्ट्स की मानें तो वह कई सालों से चोरी छिपे राधा बना करते थे. फिर एक दिन वह अचानक 16 श्रृंगार कर ड्यूटी पर पहुंचे. तब सभी को उनके इस रूप के बारे में पता चला. बाद में वह इसी लिबास में ड्यूटी पर आने लगे. उनके इस आचरण की वजह से यूपी पुलिस को काफी शर्मिंदगी भी झेलनी पड़ी थी. कई लोगों ने उनकी शिकायत भी की थी.

 

 

 

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आखिरकार उन्होंने साल 2005 में ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया (IPS DK Panda UP Police). उन्हें 2007 में रिटायर होना था, लेकिन 2 साल पहले ही उन्होंने वीआरएस ले लिया. बता दें कि डीके पांडा 1971 बैच के आईपीएस अधिकारी थे. वह मूल रूप से ओडिशा के रहने वाले हैं.

 

 

हांलाकि अब डीके पांडा ने दूसरी राधा का रूप त्याग दिया है और वह कृष्णानंद बन गए हैं. वह अभी भी कृष्ण भक्ति में लीन रहते हैं. अपने घर से ही वह पूजा-पाठ करते हैं. मीडिया से बातचीत में वह बताते हैं कि अब वह संत बन गए हैं और सार्वजनिक जीवन से उनका कोई लेना-देना नहीं है. दूसरी राधा का रूप त्यागने के सवाल पर वह मीडिया को बताते हैं कि साल 2015 में कृष्ण ने उनके सपने में आकर यह रूप छोड़ने को कहा था. तब से वह कृष्णानंद के रूप में जीवन व्यतीत कर रहे हैं।

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