Indian Festivals : कब है करवा चौथ, धनतेरस, दिवाली, व‍िश्‍वकर्मा पूजा, भाई दूज और गोवर्धन पूजा, जानें इस साल के त्‍योहारों की तिथ‍ि, मुहूर्त

नई दिल्ली. इस साल नवंबर महीने में व्रत और त्योहारों (festivals in November) की धूम मचने वाली है. इस माह की शुरुआत करवा चौथ से होगी और दिवाली (Diwali) से लेकर छठ तक मनाए जाएंगे. दिवाली के पहले धनतेरस और नरक चतुर्दशी तो दिवाली के बाद गोवर्धन पूजा और भाई दूज की रौनक रहेगी. इसके बाद चार दिन चलने वाला छठ महापर्व (Chaath ) शुरू होगा. आइए जानते हैं नवंबर में किस दिन मनाया जाएगा कौन सा व्रत और त्योहार.

 



Indian Festivals in 2023: भारत त्‍योहारों का देश है. पूरे साल हम त्‍योहारों से सजे महीनों को सेलेब्रेट करते हैं. इसी दिशा में सितंबर महीने के बाद आने वाले महीने बेहद खास होते हैं. क्‍योंकि इसके बाद ही दिवाली, तीज, भाई दूज, करवा चौथ, धनतेरस जैसे बड़े बड़े त्‍योहार आते हैं. सिंतबर से ही म लोग ये पता लगाने में जुट जाते हैं कि इस साल कौन सा त्‍योहार किस (2023 ke tyohar) दिन है. तो चलिए बिना देर करते देखते हैं इस साल के नवंबर महीने में पड़ने वाले भारत के फेमस त्‍योहारों की डेट, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि‍ और फूड से जुड़ी जानकारी.

नवंबर माह की शुरुआत करवा चौथ से हो रही है. 1 नवंबर बुधवार को करवा चौथ मनाई जाएगी. इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए निर्जला व्रत रखती हैं.

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10 नवंबर शुक्रवार को धनतेरस मनाया जाएगा. इस दिन यम, धन के देवता कुबेर और धन की देवी लक्ष्मी की पूजा होती है. हिंदू धर्म में धनतेरस को महत्वपूर्ण पर्व में से एक माना जाता है. धनतेरस को धनत्रयोदशी (Dhantrayodashi) भी कहा जाता है. यह पर्व धन और समृद्धि के त्यौहार से संबधित है. यह त्यौहार कार्तिक माह के तेरहवें दिन पड़ता है और पांच दिवसीय दिवाली त्यौहार की शुरुआत करता है. धनतेरस को दीपावली त्यौहार की शुरूआत का पहला दिन भी माना जाता है.

धनतेरस का पूजा और वित्तीय समृद्धि के लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण दिन माना जाता है. इसके साथ ही लोग इस दिन माता लक्ष्मी भगवान गणेश और भगवान कुबेर की पूजा करते है और दीये जलाते हैं. और सबसे खास बात इस दिन लोग सोने या चांदी की वस्तुएं भी खरीदते हैं.

इस वर्ष नरक चतुर्दशी और दिवाली एक ही दिन 12 नवंबर रविवार को मनाई जाएगी. नरक चतुर्दशी हनुमान जी और दिवाली के दिन धन की देवी लक्ष्मी और भाग्य के देवता गणेश जी की पूजा होती है. लोग घरों को सजाते हैं और शाम में दीये जलाकर पटाखे फोड़ते हैं.

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ये त्योहार दिवाली के अगले दिन मनाई जाती है. इस दिन गोबर से गोवर्धन पर्वत बनाया जाता है और श्रीकृष्ण की पूजा होती है. साथ ही इस दिन अन्नकूट की भी पूजा होती है. इस साल 13 नवंबर को गोवर्धन पूजा है.

भाई को तिलक लगाकर बहनें उनकी सलामती की दुआ मांगती हैं, इस साल 14 नवंबर को भाई दूज का त्योहार मनाया जाएगा. भाई दूज के दिन बहनें भाई को तिलक लगाती हैं. तिलक लगाते समय भाई का मुख उत्तर या उत्तर पश्चिम दिशा में होना चाहिए. इस दिन रोली की जगह अष्टगंध से भाई को तिलक करना चाहिए. बहनों को शाम को दक्षिण मुखी दीप जलाना चाहिए. इसे भाई के लिए शुभ माना जाता है. इस दिन कमल की पूजा और नदी स्नान विशेष रूप से यमुना स्नान का भी विधान है.

चार दिन चलने वाला महार्व छठ 17 नवंबर से शुरू होकर 20 नवंबर तक चलेगा. 17 नवंबर को नहाए खाए, 18 नवंबर को खरना, 19 नवंबर रविवार को डूबते सूर्य को अर्घ्य और 20 नवंबर सोमवार को उगते सूर्य को अर्घ्य के बाद पारण होगा. छठ में सूर्य देव और छठ माता की पूजा होती है और व्रती 36 घंटे का निर्जला व्रत रखते हैं.

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नवंबर में 24 तारीख शुक्रवार को तुलसी विवाह का त्योहार मनाया जाएगा. इस दिन भगवान विष्णु का तुलसी के साथ विवाह रचाया जाता है.

कार्तिक पूर्णिमा इस साल 27 नवंबर को है. इस दिन सूर्योदय के पहले पवित्र नदियों या कुंडों में स्नान का खास महत्व होता है.

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