Kakanmath Temple : भूतों ने रातों-रात करवाया था इस मंदिर का निर्माण, आप भी जानें इसके पीछे का रहस्य…

मेरठ. भारत में कई ऐसे प्राचीन मंदिर मौजूद है जो अपने आप में एक रहस्य हैं। कई मंदिरों से जुड़ी जानकारी तो वैज्ञानिकों को भी नहीं मिली। एक मंदिर को बनाने में कई महीनों या फिर सालों का समय लगता है लेकिन क्या आपने सुना है कि कोई मंदिर रातों रात बनाया गया है। इतना ही नहीं मंदिर किसी इंसान नहीं बल्कि भूतों द्वारा बनाया गया हो। लेकिन भारत में एक ऐसा ही मंदिर मौजूद है जिसे इंसान नहीं ​बल्कि भूतों ने बनाया है। ये मंदिर उत्तरप्रदेश के जिला मेरठ में है।

 



ये मंदिर भगवान भोलेनाथ का है। भोले नाथ के इस मंदिर पर इतनी कृपा है कि पिछले एक हजार साल से यह गिरता नहीं है। मंदिर का डिजाइन ही ऐसा है। इस देखने से प्रतीत होता है कि इसका निर्माण अधूरा है, दूसरा कारण यह भी है एक के ऊपर एक पत्थर रखा हुए हैं वो भी बिना किसी चूना और सीमेंट के। कई आंधी, तूफान और भूकंप आए फिर भी यह मंदिर अपने स्थान पर खड़ा है।

इसे भी पढ़े -  JanjgirChampa News : “हमने बनाया है, हम ही संवारेंगे” की तर्ज पर जांजगीर-चांपा में 50 सीटों वाले मेडिकल कॉलेज की मिली स्वीकृति, क्षेत्र के विकास की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि : इंजीनियर रवि पाण्डेय

मंदिर से जुड़ा है भूतों का रहस्य

मुरैना के ककनमठ मंदिर को भूतों का मंदिर भी कहा जाता है। जब हम यहां पहुंचे तो लोगों का कहना था कि यह मंदिर एक रात में भूतों ने बनवाया, जब भूत यह मंदिर बना रहे थे और मंदिर का निर्माण पूर्ण होने ही वाला था कि सुबह के समय गांव की किसी महिला ने हाथ से चलने वाली चक्की चला दी तो भूत इस मंदिर को अधूरा छोड़ कर भाग गए, इसी कारण इसे भूतों का मंदिर कहते हैं। इसे आप देखेंगे तो आपको अधूरा लगेगा, खैर इसमें कितनी सच्चाई है इससे जुड़े सटीक प्रमाण नहीं हैं।

इसे भी पढ़े -  Nawagarh News : अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी, घोटाले को लेकर नवागढ़ ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने नारेबाजी के साथ किया विरोध, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गौरव सिंह के नेतृत्व में किया गया प्रदर्शन

कई खंडित मूर्तियां है मौजूद

हजार साल पुराने इस मंदिर में आपको हर तरफ हिंदू देवी देवताओं की मूर्तियां दिख जाएंगी, लेकिन कई खंडित अवस्था में मौजूद हैं, ऐसा माना जाता है कि मूर्तियों को विदेशी शासकों ने तुड़वा दिया था। मंदिर के कई अवशेष ग्वालियर के एक म्यूजियम में रखे हुए हैं। बात मंदिर के खंडहर में बदलने की करें तो पुरातत्व अधिकारी डॉक्टर अशोक शर्मा बताते हैं कि इस मंदिर पर मौसम की मार पड़ी है जिसके कारण यह इस अवस्था में है।

इसे भी पढ़े -  JanjgirChampa News : डबल इंजन सरकार की दूरदर्शी सोच ने बढ़ाया चिकित्सा शिक्षा का दायरा, जांजगीर-चांपा सहित 5 नए मेडिकल कॉलेजों की सौगात ऐतिहासिक : अमर सुल्तानिया
error: Content is protected !!