बच्चे को स्मार्ट और समझदार बनाती हैं माता-पिता की ये आदतें, परवरिश का दिखता है असर…

आजकल की दुनिया कंपीटीशन की दुनिया है. कौन किससे कितना आगे है से ज्यादा लोग इस बात का ध्यान रखते हैं कि कौन किससे कितना पीछे है. माता-पिता (Parents) यही सब देखकर अपने बच्चे को सबसे बेस्ट बनाने की जद्दोजहद में लग जाते हैं. पैरेंट्स की यही कोशिश रहती है कि बच्चों को ऐसी परवरिश दी जाए जो उन्हें समझदार बनाए, स्मार्ट (Smart Children) बनाए और जिंदगी की प्रतियोगिता में सबसे आगे लेकर जाए.

 



 

 

 

यहां पैरेंट्स की ऐसी ही कुछ आदतों और परवरिश के कामों की सूची दी जा रही है जो बच्चे को आगे बढ़ने के लिए तैयार भी करते हैं और उसे समझदार के साथ स्मार्ट भी बनाते हैं.

 

 

 

जिज्ञासा खत्म ना होने दें

बच्चे की जिज्ञासा जगाए रखना बहुत जरूरी है. बच्चा जब एक के बाद एक सवाल करता है और जिंदगी की उलझनों और गुत्थियों को सुलझाने का प्रयास करता है तो इस क्रम में उसके सवालों का जवाब ना देना या उसकी बात नकारना जिज्ञासा खत्म करने वाला साबित हो सकता है. बच्चे से बात करें, उसे सोचने के लिए और अपने सवालों को हल करने के लिए स्पेस दें. इसी तरह वो नई चीजें सीखेगा, समझेगा और सोच-विचार करेगा.

इसे भी पढ़े -  Akaltara News : राष्ट्रीय सेवा योजना स्थापना दिवस पर स्वयंसेवकों ने दिया राष्ट्र निर्माण का संदेश, अकलतरा आईसेक्ट सेंटर में गूंजा स्वच्छता का संदेश, स्वयंसेवकों की रैली ने जीता सबका दिल, सेवा संकल्प अभियान में सृजन की झलक, छात्र-छात्राओं ने कबाड़ से गढ़ा कमाल...

 

 

 

उसे सकारात्मक उदाहरण दें

बच्चे की परवरिश करते हुए आप कई मुद्दों पर उसे उदाहरण देते होंगे. कोशिश करें कि बच्चे को सकारात्मक उदाहरण (Positive Examples) दें. इससे उसके अपने विचार भी सकारात्मक होंगे. उसके जीवन में आगे बढ़ने का उत्साह दिखने लगेगा, किसी को पीछे करने का नहीं.

इसे भी पढ़े -  Akaltara News : श्री ऋषभ विद्योदय महाविद्यालय बनाहिल में हिन्दी साहित्य के राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जन्म जयंती पर "भारत में संपर्क भाषा के रूप में हिन्दी चुनौतियां और संभावनाएं" विषय पर संगोष्ठी कार्यक्रम आयोजित

 

 

 

सोशल स्किल्स पर दें ध्यान

अक्सर ही बच्चे शर्माने वाले होते हैं जिससे उनकी शुरूआती घबराहट आगे चलकर स्टेज फियर और सोशल एंजाइटी में बदल जाती है. ऐसे में कोशिश करें कि बचपन से ही बच्चे में सोशल स्किल्स (Social Skills) डेवलप करें. बच्चे को बाकी बच्चों से बातें करने के लिए कहें और परफॉर्म करने के लिए उसपर दबाव ना बनाएं बल्कि धीरे-धीरे उसे कंफर्टेबल महसूस करवाते हुए इन स्किल्स पर काम करें.

 

 

 

चैलेंजेस वाले टास्क दें

बच्चों को छोटी-मोटी गेम्स के जरिए भी चैलेंजेस वाले टास्क दिए जा सकते हैं. बच्चे की सीधी-सीधी मदद करने के बजाए उन्हें इन चैलेंजेस में गाइड करें जिससे बच्चे खुद दिमाग लगाएं और अपनी समझ से आगे बढ़ें. बच्चे को सुडोकू, पजल्स और ब्लॉक बिल्डिंग वगैरह गेम्स खिलाए जा सकते हैं.

इसे भी पढ़े -  Akaltara News : राष्ट्रीय सेवा योजना स्थापना दिवस पर स्वयंसेवकों ने दिया राष्ट्र निर्माण का संदेश, अकलतरा आईसेक्ट सेंटर में गूंजा स्वच्छता का संदेश, स्वयंसेवकों की रैली ने जीता सबका दिल, सेवा संकल्प अभियान में सृजन की झलक, छात्र-छात्राओं ने कबाड़ से गढ़ा कमाल...

Related posts:

error: Content is protected !!