मामा शकुनी के मरने के बाद कहां गायब हो गए उनके जादुई पासे? जानें जादुई पासो का रहस्य..

महाभारत काल का कोई भी पात्र परिचय का मोहताज नहीं है इसमे कई ऐसे पात्र थे जो आज भी लोगों की जुबान पर रटे हुए है ऐसे में आज हम आपको अपने इस लेख द्वारा महाभारत के मामा शकुनी और उनके पासे के रहस्य के बारे में बता रहे हैं।

 



 

 

उनके पास जो पासे थे वे उनकी बात मानते थे लेकिन कई सारे लोग यह जानना चाहते हैं कि माता शकुनी के मरने के बाद उन पासों का क्या हुआ। इस रहस्य के बारे में महाभारत में कहीं पर भी साफ तौर पर नहीं बताया गया है।

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ऐसा माना जाता है कि मामा शकुनी के पास जो पासे थे वे उनके पिता की हड्डियों से बनाए गए थे। उन्हें ऐसा करने का आदेश उनके पिता ने ही दिया था। शकुनि के पिता ने मरने से पहले उनसे कहा था कि मेरी मृत्यु के बाद तुम मेरी हड्डियों से पासा तैयार करना। यही कारण है कि उनके पासे शकुनि की बात मानते थे। शकुनि के पासे उसके मृत पिता की रीढ़ की हड्डी से बने हुए थे और इस कारण पासे में उसके पिता की आत्मा बसी थी। यही वजह है कि पासे शकुनि का हर इशारा समझ लेते थे।

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ऐसा कहा जाता है कि शकुनि मामा की मृत्यु के बाद भी उनके वो पासे नष्ट नहीं हुए और अर्जुन की गलती से नदी में बहा दिए गए। कहा जाता है कि शकुनी की मृत्यु के बाद भगवान कृष्ण ने भीम और अर्जुन को उनके पासा नष्द्यट करने के लिए कहा था लेकिन अर्जुन किसी कारण से श्रीकृष्ण की यह बात सुन और समझ नहीं पाएं और उन्होंने पासों को एक नदी में फेंक दिया। यही अर्जुन की महाभूल थी।

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