डोनाल्ड ट्रंप ने जिसे बनाया NSA उसका नाम सुनकर कांप जाएगा पाकिस्तान, US संसद में करता है भारत की आवाज़ बुलंद..

डोनाल्ड ट्रंप ने जिस शख्स को अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के लिए चुना है, वे हमेशा से ही चीन और पाकिस्तान के खिलाफ रहे हैं. भारत के लिए अच्छी बात यह है कि उन्होंने अमेरिकी संसद में भारत की आवाज को हमेशा बुलंद करने का काम किया है.

 



 

 

 

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप के जीतने के बाद से ही कई देशों के होश फाख्ता हो गए हैं. उन्हें समझ नहीं आ रहा कि ट्रंप का अगला कदम क्या होगा? कहीं उनके देश के खिलाफ तो कोई कार्रवाई नहीं करेंगे. लेकिन ऐसे देशों का डरना वाजिब है और उसे आप इस बात से समझ सकते हैं कि अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रतिनिधि सभा के सदस्य माइकल वॉल्ट्ज से देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) का जिम्मा संभालने के लिए कहा है.
माइकल वॉल्ट्ज वो नाम है, जिसे सुनकर पाकिस्तान की कंपकंपी छूट जाती है. वाल्ट्ज ‘आर्मी नेशनल गार्ड’ के रिटायर ऑफिसर और पूर्व सैनिक रह चुके हैं. वॉल्ट्ज को ऐसे वक्त में एनएसए का पद देने के बारे में विचार किया जा रहा है जब यूक्रेन को हथियार उपलब्ध कराने के मौजूदा प्रयासों और रूस तथा उत्तर कोरिया के बीच बढ़ती साझेदारी पर चिंताओं से लेकर पश्चिम एशिया में ईरान के प्रॉक्सी ग्रुप्स द्वारा लगातार हमलों और इजरायल, हमास तथा हिजबुल्लाह के बीच संघर्ष विराम के लिए दबाव जैसे राष्ट्रीय सुरक्षा के सामने कई संकट हैं.

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पूर्व-मध्य फ्लोरिडा से रिपब्लिकन पार्टी के तीन बार के सांसद वॉल्ट्ज पिछले सप्ताह अमेरिकी संसद में निर्वाचित होने और आसानी से फिर से चुनाव जीतने वाले अमेरिकी सेना के पहले पूर्व सदस्य हैं. वह ट्रंप के कट्टर समर्थक रहे हैं. उन्हें चीन के प्रति कठोर रुख रखने वाला माना जाता है और उन्होंने ही कोविड-19 की उत्पत्ति तथा चीन में मुस्लिम उइगर आबादी के उत्पीड़न के कारण बीजिंग में 2022 में हुए शीतकालीन ओलंपिक का अमेरिका द्वारा बहिष्कार करने का आह्वान किया था.

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पाकिस्तान के खिलाफ भी वॉल्ट्ज काफी मुखर रहते हैं और वह अमेरिकी संसद में भारत की आवाज़ बुलंद करने के लिए भी जाने जाते हैं. उन्होंने नीति सलाहकार के रूप में पेंटागन में भी काम किया है. ट्रंप के सत्ता परिवर्तन कैम्पेन की प्रवक्ता कैरोलाइन लीविट ने कहा, “निर्वाचित राष्ट्रपति ट्रंप अपने दूसरे प्रशासन में काम करने वाले लोगों के बारे में जल्द ही फैसला लेना शुरू करेंगे. निर्णय लेने के बाद उनकी घोषणा की जाएगी.”

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