Janjgir-Sakti News : महिला किसान सुशीला गबेल की बाड़ी में 13 किलो का कुम्हड़ा, किसान स्कूल बहेराडीह की टीम ने किया भ्रमण

जांजगीर-चाम्पा. क़ृषि क्षेत्र में राष्ट्रीय क़ृषि कर्मण पुरस्कार व राष्ट्रपति पुरस्कृत जाजंग गांव की महिला किसान श्रीमती सुशीला गबेल ने अपने घर के पीछे की बाड़ी में 13 किलो का कुम्हड़ा का फल है। इससे पहले भी वे क़ृषि क्षेत्र में कई अनेक प्रकार के नवाचार का काम करके अपने गांव का राष्ट्रीय स्तर पर नाम रोशन किया है। क़ृषि क्षेत्र में उनके नवाचार के काम को देखने वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू किसान स्कूल बहेराडीह के संचालक ने अपनी टीम के साथ भ्रमण किया.



राष्ट्रपति पुरस्कृत महिला किसान श्रीमती सुशीला गबेल ने बताया कि क़ृषि क्षेत्र में उन्होंने कई उल्लेखनीय काम किये हैं। जैविक क़ृषि और विभिन्न प्रकार की जैविक खाद, कीट नियंत्रण दवाई बनाने क्षेत्र में किये जा रहे उनके काम को देखने सोमवार 5 जनवरी को देश के पहले किसान स्कूल के संचालक दीनदयाल यादव ने अपने टीम के साथ भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान उन्होंने 13 किलो के कुम्हड़ा फल को देख प्रसन्नता व्यक्त किया। महिला किसान श्रीमती सुशीला गबेल ने आगे बताया कि 13 किलो का वजन का कुम्हड़ा उगाने के लिए गोबर से बनाई गई जैविक खाद और बीमारी से बचाने गोमूत्र से निर्मित जैविक कीट नाशक का उपयोग किया है।

इसे भी पढ़े -  JanjgirChampa Constable Suspend : आरक्षक सस्पेंड, SP विजय पांडेय ने की कार्रवाई... इस वजह से हुई कार्रवाई... देखिए आदेश...

भ्रमण में शामिल बलौदा ब्लॉक अंतर्गत कुरदा कलस्टर के बहेराडीह गांव की पशु सखी श्रीमती पुष्पा यादव ने बताया कि उन्होंने 13 किलो का कुम्हड़ा, पहली बार देखा है. इसके साथ ही क़ृषि क्षेत्र में राष्ट्रीय क़ृषि कर्मण पुरस्कार से सम्मानित महिला कृषक श्रीमती सुशीला गबेल और उनके पति यादव प्रसाद गबेल का क़ृषि क्षेत्र में नवाचार का काम निश्चित रूप से सराहनीय है। उनकी खेती-किसानी की तकनीक को देखने कई जिले के किसान, क़ृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक, क़ृषि विभाग, उद्यान विभाग, नाबार्ड, पशुधन विकास विभाग, कलेक्टर और अमेरिका तथा जर्मनी के वैज्ञानिक भी भ्रमण कर चुके हैं।

इसे भी पढ़े -  Janjgir News : दृष्टि से क्रियान्वयन तक, पार्षद पंकज ने युवाओं के साथ मिलकर साप्ताहिक स्वच्छता अभियान शुरू किया

error: Content is protected !!