




जांजगीर-चाम्पा. जिले में मुख्यमन्त्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना में एक बार फिर गड़बड़ी उजागर हुई है. फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र के सहारे 1 लाख आहरण किया गया है. जिले में दूसरी बार मामला सामने आने के बाद प्रशासन में हड़कम्प है. जिला पंचायत के उपाध्यक्ष गगन जयपुरिया ने शिकायत की है. दरअसल, बम्हनीडीह के सरवानी गांव में महिला की मौत 8 अगस्त 2025 को हुई थी और श्रम विभाग में महिला का पंजीयन 11 मई 2025 को हुआ था.

योजना में प्रावधान है कि पंजीयन के 3 माह बाद मृत्यु होने पर 1 लाख रुपये मिलता है. इस तरह योजना का लाभ लेने महिला की मौत को 13 अगस्त 2025 बताया गया, जबकि महिला की मौत हुई थी तो 3 महीने नहीं हुआ था और योजना का लाभ लेने फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर 1 लाख रुपये का आहरण किया गया है.
मामले में कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने कहा है कि जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी. 1 साल के भीतर के प्रकरणों की जांच के निर्देश दिए गए हैं.
आपको बता दें, इससे पहले बिर्रा गांव में ऐसा मामला सामने आ चुका है, जिसमें महिला के पति अशोक पटेल और पंचायत सचिव रोहित पटेल के खिलाफ़ एफआईआर हो चुकी है, वहीं पति की गिरफ्तारी हो चुकी है. पंचायत सचिव फरार है, वहीं श्रम निरीक्षक लक्ष्मण सिंह मरकाम को विस में मुद्दा उठने के बाद सस्पेंड किया गया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है और जांच में बड़े खुलासे हो सकते हैं.





