JanjgirChampa Big Fraud FLW : बिर्रा में मृत महिला का फर्जी मृत्य प्रमाण पत्र बनवाकर 1 लाख रुपये आहरण करने का मामला, पंचायत सचिव की तलाश जारी, जांच में कई और आएंगे राडार में, बैंक प्रबंधन की भूमिका भी सवालों के घेरे में, SP ने कहा…

जांजगीर-चाम्पा. ग्राम पंचायत बिर्रा में मृत महिला का फर्जी मृत्य प्रमाण पत्र बनवाकर मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के तहत 1 लाख रुपये आहरण के मामले में आरोपियों की संख्या बढ़ सकती है. मामले में पुलिस ने FIR के बाद मृतक महिला के पति अशोक पटेल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, वहीं आरोपी पंचायत सचिव रोहित पटेल फरार है. मामले में पुलिस द्वारा श्रम निरीक्षक, सरपंच और एक दलाल की भूमिका की भी जांच की जा रही है. इस तरह मामले में आरोपियों की संख्या बढ़ सकती है.

 



मामले में विस में मुद्दा उठने के बाद श्रम निरीक्षक लक्ष्मण सिंह मरकाम को निलंबित कर दिया गया है. सबसे बड़ी बात, इस योजना के अन्य हितग्राहियों के दस्तावेजों की जांच होगी तो बड़े घोटाले का खुलासा हो सकता है, क्योंकि बताया जा रहा है, ऐसी गड़बड़ी के और भी मामले हैं. दूसरी ओर, मृतक व्यक्ति का बैंक में खाता कैसे खुल गया और खाता से राशि कैसे निकल गई, यह बड़ा सवाल है ? और इस मामले में बैंक अफसरों की भूमिका की भी जांच की आवश्यकता है.

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दरअसल, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के पंजीयन में अनियमितता की शिकायत जिला पंचायत उपाध्यक्ष गगन जयपुरिया ने कलेक्टर और एसपी से की थी. इस पर बिर्रा पुलिस ने मृतक महिला के पति अशोक पटेल और बिर्रा के पंचायत सचिव रोहित पटेल के खिलाफ दर्ज किया था. इधर, विस में मुद्दा उठने के बाद सरकार ने श्रम निरीक्षक लक्ष्मण सिंह मरकाम को निलंबित कर दिया गया है. प्रकरण में मृतक महिला के पति अशोक पटेल को गिरफ्तार किया है और आरोपी पंचायत सचिव रोहित पटेल की तलाश की जा रही है. साथ ही, पुलिस द्वारा श्रम निरीक्षक, सरपंच और एक दलाल की भूमिका की भी जांच कर रही है. इस तरह मामले में आरोपियों की संख्या बढ़ सकती है. एसपी विजय पांडेय ने कहा है कि मामले में गम्भीरता से जांच की जा रही है. जांच में जिनकी भी संलिप्तता उजागर होगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

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आपको बता दें, बिर्रा की महिला सुमन बाई पटेल की 27 नवम्बर 2024 को मृत्यु हुई थी. फिर योजना का लाभ लेने के लिए फर्जी तरीके से मृत्यु की तिथि 2 जून 2025 कर मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाया गया. इसके पहले, 04 दिसम्बर 2024 को आवेदन किया गया था और 09 दिसम्बर 2024 को पंजीयन किया गया है, जबकि महिला की वास्तविक मौत, 27 नवम्बर 2024 को हो गई थी. कुल-मिलाकर योजना की राशि 1 लाख रुपये हड़पने का लिए पूरी साजिश रची गई थी और गिरोह में कई लोग शामिल हैं. ऐसे में अभी एफआईआर के राडार में कई लोग हैं. श्रम विभाग के अफसरों की संलिप्तता की वजह से इतनी बड़ी गड़बड़ी को अंजाम दिया है. इस तरह गम्भीरता से जांच में हुई तो ऐसे और भी मामले सामने आ सकते हैं.

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