




दिल्ली-एनसीआर समेत देश के कई हिस्सों में तापमान तेजी से बढ़ता जा रहा है। गर्मी का सितम इस कदर बढ़ चुका है कि लोगों का हाल बेहाल होने लगा है। तेज गर्मी न सिर्फ पसीने का कारण बनती है, बल्कि शरीर को भी थका देती है। मौसम विज्ञान विभाग ने आने वाले दिनों में देश के कई हिस्सों में लू की चेतावनी जारी की है।

इन दिनों डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं काफी ज्यादा बढ़ जाती है। ऐसे में इन दोनों समस्याओं के बारे में अच्छे से जानना बेहद जरूरी है। आमतौर पर लोग इन्हें एक ही मान लेते हैं, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। आइए बीएलके-मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में इंटरनल मेडिसिन के प्रिंसिपल डायरेक्टर और एचओडी डॉ. राजिंदर कुमार सिंघल से जानते हैं इन दोनों के बीच का अंतर-
डिहाइड्रेशन: शरीर में “एनर्जी की कमी” का संकेत
डिहाइड्रेशन मूल रूप से शरीर में पानी की कमी होने पर होता है। आप जितना पानी पी रहे हैं, उससे कहीं अधिक पानी (पसीने और अन्य तरीके से) खो रहे हैं। ऐसे में यह एक धीमी और चुपचाप शुरू से होने वाली प्रक्रिया है, जो छोटे-छोटे संकेतों से शुरू होती है और फिर आपको बुरी तरह प्रभावित करती है।
इन संकतों को न करें इग्नोर
सूखापन: मुंह में चिपचिपापन या गले में खुरदुरापन महसूस होना।
यूनिर के रंग में बदलाव: यह सबसे सटीक संकेत है। अगर आपके पेशाब का रंग गहरा हो गया है, तो इसे हल्के में न लें। यूरिन का रंग हल्के नींबू पानी जैसा दिखना चाहिए।
सिरदर्द: अचानक खड़े होने पर चक्कर आना या लगातार बना रहने वाला सिरदर्द, जो ठीक न हो डिहाइड्रेशन का संकेत हो सकता है।
बच्चों के लिए: अगर बच्चे बिना आंसू के रो रहे हैं या असामान्य रूप से शांत और सुस्त लग रहे हैं, तो संभवतः उन्हें डिहाइड्रेशन है।
हीटस्ट्रोक: शरीर का पूरी तरह से ठप्प हो जाना
हीटस्ट्रोक एक गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है। यह सिर्फ प्यास लगने की बात नहीं है; यह तब होता है जब आपके शरीर का इंटरनल थर्मोस्टेट असल में खराब हो जाता है। आपके शरीर का तापमान कुछ ही मिनटों में 40°C या उससे अधिक तक पहुंच सकता है। इतनी गर्मी में, आपका ब्रेन और अंग सचमुच आग की चपेट में आ जाते हैं।
ये संकेत दिखते ही हो जाएं अलर्ट
मेंटल फॉग: लड़खड़ाती हुई बोली, खोया-खोया- सा व्यवहार या अचानक, अजीब तरह से चिड़चिड़ापन।
त्वचा में बदलाव: छूने पर बहुत गर्म महसूस होना। कभी-कभी त्वचा बिल्कुल सूखी होती है; कभी-कभी पूरी तरह से भीगी हुई। तेज बुखार इसका मुख्य लक्षण है।
बेहद तेज धड़कन: दिल का जोर से धड़कना और सांस का बहुत तेज और होना।
संकट की स्थिति: तीव्र मतली, उल्टी या बेहोश हो जाना।
गर्मी में कैसे रखें खुद सुरक्षित
गर्मी में इन समस्याओं से बचने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है-
लगातार घूंट-घूंट करके पानी पिएं: प्यास लगने का इंतजार न करें। अपने पास एक बोतल रखें और दिन भर थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें, ताकि आपके शरीर में पानी का स्तर स्थिर रहे।
समय का ध्यान रखें: दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बाहर जाने से बचें। अगर बाहर जाना ही पड़े, तो छांव में रहें और ढीले, हल्के सूती कपड़े पहनें।
पानी के अलावा और ड्रिंक्स पिएं: अगर आपको बहुत पसीना आ रहा है, तो सादा पानी कभी-कभी आपके शरीर से नमक को बाहर निकाल देता है। एक चुटकी नमक और चीनी के साथ बनाया गया नींबू पानी आपके शरीर को वास्तव में हाइड्रेटेड रखने में मदद करता है।
संकेतों को इग्नोर न करें: अगर आपको कुछ अजीब सा महसूस होने लगे- जैसे कंपकंपी, मतली या भ्रमृ तो तुरंत अपना काम रोक दें। किसी ठंडी जगह पर जाएं। अगर कुछ मिनटों में भी आराम न मिले, तो अस्पताल जाएं। अभी छांव में दस मिनट का आराम करना बाद में तीन दिन अस्पताल के बिस्तर पर बिताने से कहीं बेहतर है। समझदारी से काम लें और अपने परिवार का ख्याल रखें।

