




जांजगीर-चाम्पा. मुलमुला थाना क्षेत्र में 14 मार्च को हुई बाइक लूट की वारदात के 15 दिन बाद भी मामले में पुलिस के हाथ खाली है. चार बदमाशों ने युवक के साथ मारपीट कर उसकी बाइक लूट ली थी, लेकिन अब तक बदमाशों के बारे में पुलिस को कोई सुराग नहीं मिल पाया है. इससे मुलमुला पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं. मुलमुला क्षेत्र में रोज घटनाएं होने से पुलिस की गश्त की पोल खुल गई है. कभी लूट, कभी चोरी, मुलमुला क्षेत्र में रोज की बात हो गई है. मुलमुला क्षेत्र में बदमाश बेखौफ हो गए हैं, पुलिस का जरा भी डर नहीं है, इसलिए घटनाएं थम नहीं रही है.

दरअसल, सलखन गांव निवासी 26 वर्षीय दिनेश कुमार यादव, 14 मार्च को अपने ससुराल मुलमुला से लौट रहे थे. रात करीब 9:50 बजे ग्राम मुलमुला और नंदेली के बीच फूलसागर तालाब के पास मेन रोड पर वह टॉयलेट के लिए रुका था. इसी दौरान दो बाइक पर सवार 4 बदमाश वहां पहुंचे. फिर बदमाशों ने दिनेश की गर्दन पकड़कर उसे नीचे गिराया था और उसके साथ मारपीट की थी. इसके बाद उसकी मोटरसाइकिल बजाज एनएस प्लसर (CG 11 BT 2468) को लूटकर व्यासनगर की ओर फरार हो गए थे. मामले में अगले दिन मुलमुला थाने में पीड़ित ने एफआईआर दर्ज कराई गई थी. पुलिस ने धारा 309(4) व 3(5) बीएनएस के तहत मामला तो दर्ज किया है, लेकिन 15 दिन बीत जाने के बाद भी आरोपियों तक पहुंचने में मुलमुला पुलिस नाकाम रही है. क्षेत्र में लगातार हो रही घटना के बाद लोगों में दहशत का माहौल है, वहीं पुलिस की सुस्त रवैये को लेकर नाराजगी भी बढ़ रही है. अब देखना होगा, बदमाश कब तक पकड़े जाएंगे या फिर इसी तरह वारदात लगातार होती रहेगी ?
रात में पेट्रोलिंग का दावा, फिर भी हाथ खाली ?
मुलमुला क्षेत्र में पुलिस दावा करती है कि नियमित पेट्रोलिंग होती है, लेकिन जिस तरह रात के वक्त एक के बाद एक क्षेत्र में घटनाएं हो रही है, उससे पुलिस का दावा फेल नजर आता है. यदि गश्त होती तो घटनाएं नहीं होती और बदमाश भी पकड़े जाते. उल्टे, मुलमुला क्षेत्र में घटनाओं में बढ़ोतरी हो गई है और बदमाश पकड़े भी नहीं जा रहे हैं. ऐसे में मुलमुला पुलिस की पुलिसिंग पर सवाल उठ रहे हैं. चोरी के कई मामले अनसुलझे हैं और लगता है, ये मामले फाइल में दब गए हैं. अब देखना होगा, मामले में उच्च अधिकारी किस तरह इन मामलों पर संज्ञान लेते हैं ?





