




जांजगीर-चाम्पा. बिर्रा थाना क्षेत्र के करही गांव में फायरिंग कर युवक की हत्या के मामले में 30 से ज्यादा पुलिसकर्मी जांच कर रहे हैं और प्रमुख 4 टीम बनाई गई है. मामले की तफ्तीश में बिलासपुर और जांजगीर की साइबर टीम भी मुस्तैदी से लगी है, वहीं पड़ोसी जिलों की पुलिस की भी मदद ली जा रही है. इसके अलावा, वारदात के बाद करही गांव में पुलिस ने जांच के लिए कैम्प किया हुआ है और संदेहियों से पूछताछ की जा रही है. साथ ही, CCTV फुटेज भी पुलिस खंगाल रही है और कॉल डिटेल की भी जांच की जा रही है. फिलहाल, 47 घण्टे बाद भी बदमाशों के बारे में सुराग नहीं मिला है.

दूसरी ओर, वारदात की गम्भीरता को देखते हुए कल 24 अप्रेल की रात बिलासपुर IG रामगोपाल गर्ग, करही गांव पहुंचे थे और घटनास्थल का जायजा लिया. यहां पीड़ित परिवार से आईजी ने मुलाकात कर घटना की जानकारी ली. इस दौरान मौके पर प्रभारी SP निवेदिता पाल भी मौजूद रही. पुलिस की एक टीम ने गांव में कैम्प किया है, वहीं दूसरी टीम सीसीटीवी खंगाल रही है, वहीं सायबर टीम द्वारा कॉल डिटेल का पता लगाया जा रहा है और एक अन्य टीम द्वारा संदेहियों से पूछताछ कर वारदात की कड़ी जोड़ी जा रही है.
फिलहाल, पुलिस को पुख्ता सुराग नहीं मिला है, लेकिन पुलिस की तफ्तीश जरूर तेजी से हो रही है. ऐसे में बदमाशों के बारे में जल्द ही सुराग मिलने की चर्चा है. आपको बता दें, करही गांव में सम्मेलाल कश्यप के घर में घुसकर 3 नकाबपोश बदमाशों ने बड़े बेटे आयुष और आशुतोष पर 3 राउंड फायरिंग कर दी. यहां 2 गोली आयुष को लगी और उसकी मौत हो गई, वहीं आशुतोष को 1 गोली लगी, जिसका इलाज जिला अस्पताल में जारी है और वह खतरे से बाहर है.
वारदात के बाद मृतक युवक के पिता सम्मेलाल कश्यप ने रेत खनन को लेकर हत्या होने की बात कही है. सम्मेलाल ने कुछ संदेहियों के नाम भी पुलिस को बताया है. इसी आधार पर पुलिस की जांच चल रही है. साथ ही, लेन-देन के मामले पर भी पुलिस की जांच चल रही है. अब देखना होगा, कब तक बदमाश, पुलिस की गिरफ्त में आते हैं ? बदमाशों के पकड़े जाने के बाद ही हत्या की वजह सामने आएगी, लेकिन हत्या के तरीके से पता चल रहा है कि बदमाशों ने आयुष कश्यप को टारगेट किया था और यह मामला सुपारी किलिंग का है.





