




जांजगीर-चाम्पा. बिर्रा थाना क्षेत्र के करही गांव में हुए गोलीकांड और हत्या का खुलासा, पुलिस ने 29 दिन बाद किया है. व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा की वजह से हत्या की साजिश रची गई थी. सबसे बड़ी बात, युवक आयुष कश्यप को ही मारने की प्लानिंग थी और घर घुसकर मारने की पीछे परिवार के लोगों में दहशत पैदा करना था. हत्या के मुख्य साजिशकर्ता संदेही आरोपी और मृतक युवक आयुष कश्यप, रेत खनन-परिवहन के व्यवसाय से जुड़े थे. यही वजह रही, हत्या के लिए सुपारी दी गई. पुलिस ने घर में घुसकर हत्या करने वाले 3 आरोपी अमित टण्डन, भूषण बघेल और हेमंत बघेल को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता को हिरासत में लिया है और उससे पूछताछ कर रही है. दूसरी ओर, CCTV तोड़ने वाले अन्य 3 आरोपी की भी तलाश की जा रही है. इसके लिए एक टीम जम्मू गई है.

पुलिस की प्रमुख 4 टीम, जिसमें 35 अधिकारी-कर्मचारी जांच में शामिल रहे, जिन्होंने 2 सौ से ज्यादा CCTV की जांच की, सैकड़ों लोगों से पूछताछ की, 7 राज्यों में पुलिस टीम ने दबिश दी, फिर 29 दिन बाद खुलासा हुआ है. पुलिस ने गोलीकांड में प्रयुक्त पिस्टल, मैगजीन, 1 खाली मैगजीन और घटना में प्रयुक्त बाइक को जब्त किया है. गिरफ्तार 3 आरोपियों को जेल भेज दिया है, वहीं अन्य आरोपियों की तलाश है. मुख्य साजिशकर्ता, पुलिस हिरासत में है, जिससे पूछताछ जारी है. ऐसे में अभी कई खुलासे हो सकते हैं.
इधर, पूरे मामले के खुलासे को लेकर मृतक युवक आयुष के पिता सम्मेलाल कश्यप ने अंसतोष जाहिर किया है और कहा है कि वारदात के पीछे रेत खनन से जुड़े बड़े लोग हैं, जिन्होंने कुछ लोगों को मोहरा बनाकर आयुष की हत्या की है, ताकि उनके रास्ते का कांटा हट जाए.
बिलासपुर आईजी रामगोपाल गर्ग ने जांजगीर एसपी ऑफिस में प्रेस कॉम्फ्रेन्स की और गोलीकांड का खुलासा किया. दरअसल, 23-24 अप्रेल की दरमियानी रात करही गांव में सम्मेलाल कश्यप के घर में घुसकर गोली चलाई थी और उसके बड़े बेटे 19 वर्षीय आयुष कश्यप की हत्या की गई थी. गोलीबारी से छोटा बेटा आशुतोष घायल हुआ था. वारदात के बाद पुलिस की 4 टीम गठित की गई. गांव में कैम्प किया गया. इस दौरान परिजन ने डिप्टी सीएम विजय शर्मा समेत कई नेताओं से भेंट की और बदमाशों को पकड़ने की मांग की.
हाईप्रोफाइल बन चुके इस गोलीकांड और हत्या के मामले में खुलासे नहीं होने से नाराजगी भी बढ़ रही थी. इस दौरान हैदराबाद ट्रेनिंग से लौटे एसपी विजय पांडेय ने 10 दिनों में खुलासे का आश्वासन दिया था.
इस तरह पुलिस ने जांच तेज की और उन लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया गया, जिनसे पहले पूछताछ नहीं हुई थी, तब पुलिस को ‘आई गैंग’ के इंट्रा में आईडी होने का पता चला, जो बदमाश प्रवित्ति के थे. पूछताछ में 2 युवकों के घटना के कुछ दिनों बाद गुजरात जाने की जानकारी सामने आई. फिर पुलिस ने दोनों युवकों से पूछताछ की तो गोलीकांड और हत्या की साजिश का खुलासा हो गया.
बदमाशों ने बताया कि 50-50 हजार रुपये देने और आगे व्यापार में लाभ होने पर राशि देने की बात पर मुख्य साजिशकर्ता ( जो अभी पुलिस हिरासत में है ) ने सुपारी दी और हत्या करने के लिए पिस्टल भी दिया. गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी करही गांव के हैं और पुलिस हिरासत में रखे गए साजिशकर्ता मुख्य आरोपी भी करही गांव के हैं.
गोली मारने वाला आरोपी अमित टण्डन, किराना दुकान चलाता है, जो कर्ज में था, इसलिए उसने हत्या करने में बनाया. दूसरा आरोपी, भूषण बघेल जिसने 2023 में सम्मेलाल को मारने सुपारी ली थी. वह भी सम्मेलाल के परिवार से आगे बढ़ने से जलता था और उसके भाई को उधारी रकम 4-5 लाख सम्मेलाल को लौटना ना पड़े, इसलिए हत्या की थी. तीसरा आरोपी हेमन्त बघेल की छड़-सीमेंट की दुकान है और आयुष के भी छड़ सीमेंट की दुकान है, इससे हेमन्त को नुकसान हो रहा था, इसलिए हत्या की साजिश में शामिल हुआ.
मुख्य आरोपी साजिशकर्ता, अभी पुलिस हिरासत में है, जो रेत खनन के अलावा परिवहन का काम करता था और आयुष कश्यप द्वारा हाइवा, जेसीबी लाने से उसका कारोबार प्रभावित हो रहा था. इसलिए उसने आयुष की हत्या करने साजिश रची. हत्या के वक्त 3 बार फायरिंग हुई, फिर बाहर में फायरिंग की गई थी. बदमाशों ने मृतक युवक की हत्या करने की बात उसके पिता को कही थी, जिसे मुख्य साजिशकर्ता ने कहने कहा था, ऐसा करके वह दहशत फैलाना चाहता था.
बदमाशों ने हत्या के बाद पुलिस को गुमराह करने प्लानिंग की थी कि पुलिस, बाहरी आरोपी समझे और पुलिस बाहर ही आरोपी को तलाशे. वारदात के बाद 10-15 दिनों तक सभी बदमाश गांव में थे, बाद में 2 बदमाश गुजरात गए थे. हालांकि, बदमाशों की सभी मंसूबे पर पानी फेर दिया है और गोलीकांड, हत्या का खुलासा कर दिया है, जिसका लोगों को 29 दिनों से था.
सबसे बड़ी बात, रेत के कारोबार को लेकर करही गांव में पहले भी हत्या की वारदात हुई थी. फिर हत्या की संगीन वारदात के बाद प्रशासन को सबक लेने की जरूरत है. सबक नहीं लिया गया तो करही गांव में रेत की वजह से आगे भी खूनी खेल जारी रह सकता है ?





