अकलतरा. छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकपरंपरा, संस्कृति और माटी से जुड़ा पारंपरिक लोकपर्व भोजली ग्राम पंचायत पकरिया (झूलन) में हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ मनाया गया. इस अवसर पर भोजली , भोजली गायन, छत्तीसगढ़ी वेशभूषा तथा छत्तीसगढ़ी जनऊला कार्यक्रम का शानदार आयोजन किया गया. कार्यकम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा छत्तीसगढ़ महतारी के प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलित एवं श्रीफल तोड़कर किया गया.








कार्यक्रम में बतौर अतिथि गुलबदन प्रसाद सिंगसार्वा, रोहित सारथी (भूतपूर्व सैनिक एवं नगर पालिका परिषद् अकलतरा प्रतिनिधि), जितेन्द्र वर्मा, अनुसुईया सिंगसार्वा, दिलीप मरावी सरपंच ग्राम पंचायत पकरिया झूलन, अलख राम श्रीवास एवं कमलेश सिंगसार्वा जी उपस्थित रहे.
कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक भोजली गायन और छत्तीसगढ़ी वेशभूषा ने लोगों का मन मोह लिया. वहीं छत्तीसगढ़ी जनऊला के माध्यम से लोकभाषा एवं लोकसंस्कृति की सुंदर झलक देखने को मिली.
अतिथियों ने कहा कि भोजली केवल एक पर्व नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति, पुरखों की परंपरा, आपसी भाईचारे और माटी से जुड़ाव की पहचान है. ऐसे आयोजनों के माध्यम से हमारी लोकपरंपराओं को जीवंत रखने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य हो रहा है.
कार्यक्रम में ग्रामीणों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने आयोजन को यादगार बना दिया. सभी ने मिलकर छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति एवं परंपराओं को सहेजने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का संकल्प लिया विभिन्न प्रतियोगियों के लिए 8 प्रथम पुरस्कार शील्ड एवं 1001 रुपए, 8 द्वितीय पुरस्कार शील्ड एवं 501रुपए, 8 तृतीय पुरस्कार शील्ड एवं 351 रुपए एवं सभी प्रतिभागियों को सांत्वना पुरुस्कार शील्ड एवं 51 रुपए दिया गया.
कार्यकम का संचालन शैलेन्द्र कुमार सिंगसार्वा एवं आभार व्यक्त मनीष कुमार सिंगसार्वा प्रदेश कार्य समिति सदस्य किसान मोर्चा भाजपा ने किया.
इस अवसर पर ग्राम पंचायत पकरिया झूलन के समस्त पंच, प्रभात फेरी, कीर्तन समिति के सभी सदस्य, ग्राम के वरिष्ठ जन एवं भारी संख्या में माता बहन व ग्रामवासी उपस्थित थे.



