अकलतरा. जब इरादे नेक हों और मन में समाज सेवा का जज्बा हो, तो छोटा सा गांव भी राष्ट्रीय पहचान बन जाता है. ऐसा ही कुछ कर दिखाया है श्री ऋषभ विद्योदय महाविद्यालय बनाहिल की दो होनहार बेटियों ने शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय, रायगढ़ द्वारा आमंत्रित राष्ट्रीय सेवा योजना पुरस्कार में श्री ऋषभ शिक्षण संस्थान ने अपनी अमिट छाप छोड़ी है. महाविद्यालय की गौरव, कु. आयुषी साहू एवं कु. श्रुति निर्मलकर ने बिहार के भागलपुर जिले के मारवाड़ी कॉलेज में आयोजित राष्ट्रीय एकता शिविर में अपनी सशक्त सहभागिता देकर न केवल महाविद्यालय बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया. सात दिनों तक चले इस राष्ट्रीय शिविर में देश के कोने-कोने से आए स्वयंसेवकों के बीच इन दोनों छात्राओं ने एकता, अखंडता और सेवा का अद्भुत परिचय दिया. सेवा ही जिनका संकल्प है सिर्फ शिविर ही नहीं, महाविद्यालय द्वारा ग्रामों में लगाए गए विशेष शिविर में भी दोनों छात्राओं की भूमिका प्रेरणादायक रही. जहां एक ओर उन्होंने कुदाल उठाकर श्रमदान कर गांव की सूरत बदली, वहीं दूसरी ओर घर-घर जाकर लोगों को नशे के दुष्परिणामों से आगाह किया, टूटी हुई उम्मीदों को जोड़ा और स्वच्छता का संदेश दिया. उनकी आंखों में समाज को बदलने का सपना और हाथों में सेवा का भाव साफ दिखता है. इन्हीं निस्वार्थ सेवाओं और समर्पण से भरे प्रतिवेदन के आधार पर विश्वविद्यालय स्तर पर दोनों छात्राओं को श्रेष्ठ स्वयंसेवक के सम्मान के लिए चयनित किया गया है








साथ ही कु. आयुषी साहू को चित्रकला प्रतियोगिता में तृतीय स्थान प्राप्त हुआ है. कुल उत्सव के अवसर पर इन्हें पुरस्कृत किया जाएगा.
इस गौरवमयी उपलब्धि पर संस्थान के संचालक डॉ. जय कुमार जैन, प्राचार्य डॉ. शिखा सिंह एवं समस्त स्टाफ ने दोनों बेटियों को आशीर्वाद देते हुए कहा – “ये सम्मान सिर्फ पुरस्कार नहीं, बल्कि उन संस्कारों का प्रतीक है जो श्री ऋषभ विद्योदय महाविद्यालय बनाहिल अपने विद्यार्थियों में रोपता है.”
समूचे बनाहिल अकलतरा क्षेत्र में हर्ष और गर्व का माहौल है.



