Biparjoy Cyclone: आज से 53 साल पहले रौद्र रूप दिखाया था तूफान ‘भोला’, पांच लाख लोगों की ली थी जान, संभलने तक का नहीं मिला था मौका

नई दिल्ली। Biparjoy Cyclone जैसे जैसे ​तूफान बिपारजॉय आगे बढ़ रहा है, ठीक वैसे वैसे ही विकराल रूप लेता जा रहा है। देश के कई राज्यों में बिपारजॉय का असर देखने को मिल रहा है। खासकर इसका असर गुजरात और महाराष्ट्र में देखने को मिल सकता है। बिपारजॉय आज गुजरात के तट से टकराएगा। इसको लेकर केंद्र और राज्य सरकार अलर्ट हो गई है।



Biparjoy Cyclone आज यानी 15 जून को बिपारजॉय कच्छ और पाकिस्तान के कराची के तट से टकराएगा। हालंकि ये पहला तूफान नहीं है। इससे पहले भी तूफान आ चुकी है, लेकिन बिपारजॉय को लेकर सबसे ज्यादा चिंता सता नहीं है। साइक्लोन बिपरजॉय के कारण गुजरात के 8 जिलों में अलर्ट जारी कर दिया है और राहत और बचाव की पूरी तैयारी कर ली गई है।’

आपको बता दें कि इससे पहले भी कई ऐसे समुद्री तूफान आ चुके हैं, जो जमकर तबाही मचाई है। इससे पहले आए तूफान ने हर तरफ तहस नहस कर दिया था। आइए जानते हैं कुछ ऐसे ही साइक्लोन के बारे में..

इसे भी पढ़े -  Sakti News : नगर पालिका अध्यक्ष श्याम सुंदर अग्रवाल की मेहनत लाई रंग, नगर विकास के लिए 2 करोड़ 24 लाख 26 हजार की मिली स्वीकृति

1970 को आई थी आफत

आज से करीब 53 साल पहले 1970 में तूफान भोला ने अपना ऐसा रौद्र रूप दिखाया था। देखते-देखते तीन से पांच लाख लोग दुनिया छोड़ चुके थे। तूफान का नाम भले ही भोला था, लेकिन इसने बांग्लादेश में भीषण तबाही मचाई थी। इसके रौद्र रूप की वजह से इसे ‘द ग्रेट भोला’ कहा गया। भोला, 1970 में उत्‍तरी हिंद महासागर के चक्रवाती सीजन में आया सबसे तगड़ा साइक्‍लोन था। खतरनाक साइक्‍लोन की लिस्‍ट में इसे आज भी छठें नंबर पर रखा गया है।

तूफान ‘भोला’ ने दिखाया था रौद्र रूप
1999 में आए था सुपर साइक्लोन

इसे भी पढ़े -  JanjgirChampa News : किसानों की मेहनत को मिला सम्मान, धान खरीदी अवधि बढ़ाने पर सरकार का आभार : इंजी. रवि पाण्डेय

20वीं शताब्दी का सबसे खतरनाक साइक्लोन ओडिशा में आया था। सन 1999 में सुपर साइक्लोन में करीब 10 हजार लोगों की मौत हुई थी। 250 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने सबकुछ तहस-नहस कर दिया था।

भारत और बांग्लादेश का पूर्वी हिस्सा में आया था साइक्लोन अम्फान

COVID-19 महामारी साल 2020 में भारत और बांग्लादेश का पूर्वी हिस्सा में साइक्लोन अम्फान ने तबाही मचाई थी। इस तूफान ने कई घरों को उखाड़ दिया था। साइक्लोन अम्फान से भारत के 98 लोगों की मौत हुई थी। वहीं ओडिशा और बंगाल में करीब 5,00,000 से अधिक लोगों को रेस्क्यू किया गया था।

2021 में गुजरात का सामना साइक्लोन तौकते से हुआ। ये एक दशक में अरब सागर से टकराने वाला सबसे घातक तूफान था। इस दौरान करीब 200 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल रही थी, जिसने घरों, पेड़ों और बिजली के खंभों को जड़ से उखाड़ फेंका।

इसे भी पढ़े -  Sakti News : राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर छग राज्य विद्युत वितरण कंपनी द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रहे श्याम सुंदर अग्रवाल, उपभोक्ताओं को प्रमाण पत्र देकर किया गया सम्मानित

error: Content is protected !!