छत्तीसगढ़ : …जानिए क्या है इस सुपर कॉप डॉग की कहानी, जिसे मिला ‘बेस्ट पुलिसकर्मी’ अवॉर्ड

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से एक मामला सामने आया है, जहां एक ट्रैकर कुत्ते और दो पुलिस कर्मियों को महीने के सबसे प्रथम पुलिसकर्मी के अवार्ड से सम्मानित किया गया है. बता दें, हर महीने अच्छे काम करने वाले पुलिसकर्मियों को सर्वश्रेष्ठ पुलिसकर्मी के तौर पर पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाता है. इतना ही नहीं,



छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से एक मामला सामने आया है, जहाँ एक ट्रैकर कुत्ते और दो पुलिस कर्मियों को महीने के सबसे प्रथम पुलिसकर्मी के अवार्ड से सम्मानित किया गया है. बता दें, हर महीने अच्छे काम करने वाले पुलिसकर्मियों को सर्वश्रेष्ठ पुलिसकर्मी के तौर पर पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाता है.

इतना ही नहीं, पुरस्कार लेने वाले पुलिसकर्मियों की तस्वीरों को भी अलग-अलग पुलिस स्टेशनों पर लगाया जाता है, जिसके साथ उन्हें कुछ नकद भी दिया जाता है.

इसे भी पढ़े -  Kharod News : वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू की स्मृति में 'रक्तदान शिविर' और 'प्रतिभा सम्मान समारोह' 12 जनवरी को, खरौद के तिवारीपारा के मिडिल स्कूल में होगा आयोजन... पामगढ़ विधायक समेत अन्य अतिथि होंगे शामिल...

दरअसल, छत्तीसगढ़ पुलिस में एक स्नाइफ़र डॉग रूबी को ‘कॉप ऑफ द मंथ’ मिला है. रूबी बेल्जियम की जर्मन शेफ़र्ड है, उसे यह अवार्ड रायगढ़ जिले में उसकी सराहनीय सेवाओं के लिए दिया गया है. सूत्रों के अनुसार, रूबी की उम्र 4 साल है और उसके ट्रेनर का नाम वीरेंद्र आनंद है.

रूबी को यह पुरस्कार, इसीलिए दिया गया, क्योंकि वह सारंगढ़ रॉयल गिरी विलास पैलेस से जुड़ी एक महत्वपूर्ण डकैती सहित कई सनसनीखेज़ आपराधिक मामलों को सुलझाने में सहायक थी, जहां से कई लाख रुपये के प्राचीन चांदी के ट्रे चोरी हो गए थे. रूबी द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण सुराग पुलिस विभाग के लिए बहुत मददगार साबित हुए थे और यह पहली बार है, जब पुलिस स्नाइफ़र डॉग को दो अन्य कर्मियों के साथ ‘कॉप ऑफ़ द मंथ’ से सम्मानित किया गया.

इसे भी पढ़े -  JanjgirChampa News : भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता बने इंजी. रवि पाण्डेय, क्षेत्र में खुशी की लहर, प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने सौंपी बड़ी जिम्मेदारी, किसानों के हित में मजबूती से उठेगी आवाज

जानकारी के लिए आपको बता दें, छत्तीसगढ़ पुलिस उन लोगों कि प्रशंसा करना चाहती है, जो अपने बल पर आगे बढ़ते हैं. चाहे वह इंसान हो या फिर जानवर. उन्हें ना केवल पुरस्कार के रूप में नकद मिलता है, बल्कि उनके पोस्टर तक हर जिले के पुलिस स्टेशन में लगाए जाते है. उन्हें सम्मान दिया जाता है. पुलिसकर्मियों के साथ उन डॉग्स का भी इस पुरस्कार पर हक़ है, जिन्होंने अपने बल पर देश कि सेवा में अपना योगदान दिया है.

error: Content is protected !!