छत्तीसगढ़ : …जानिए क्या है इस सुपर कॉप डॉग की कहानी, जिसे मिला ‘बेस्ट पुलिसकर्मी’ अवॉर्ड

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से एक मामला सामने आया है, जहां एक ट्रैकर कुत्ते और दो पुलिस कर्मियों को महीने के सबसे प्रथम पुलिसकर्मी के अवार्ड से सम्मानित किया गया है. बता दें, हर महीने अच्छे काम करने वाले पुलिसकर्मियों को सर्वश्रेष्ठ पुलिसकर्मी के तौर पर पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाता है. इतना ही नहीं,

 



छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से एक मामला सामने आया है, जहाँ एक ट्रैकर कुत्ते और दो पुलिस कर्मियों को महीने के सबसे प्रथम पुलिसकर्मी के अवार्ड से सम्मानित किया गया है. बता दें, हर महीने अच्छे काम करने वाले पुलिसकर्मियों को सर्वश्रेष्ठ पुलिसकर्मी के तौर पर पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाता है.

इतना ही नहीं, पुरस्कार लेने वाले पुलिसकर्मियों की तस्वीरों को भी अलग-अलग पुलिस स्टेशनों पर लगाया जाता है, जिसके साथ उन्हें कुछ नकद भी दिया जाता है.

इसे भी पढ़े -  Janjgir-Pamgarh Arrest : महुआ शराब की अवैध बिक्री करने वाले महिला सहित 4 आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार, अलग-अलग गांव से की गई गिरफ्तारी, पामगढ़ पुलिस की कार्रवाई...

दरअसल, छत्तीसगढ़ पुलिस में एक स्नाइफ़र डॉग रूबी को ‘कॉप ऑफ द मंथ’ मिला है. रूबी बेल्जियम की जर्मन शेफ़र्ड है, उसे यह अवार्ड रायगढ़ जिले में उसकी सराहनीय सेवाओं के लिए दिया गया है. सूत्रों के अनुसार, रूबी की उम्र 4 साल है और उसके ट्रेनर का नाम वीरेंद्र आनंद है.

रूबी को यह पुरस्कार, इसीलिए दिया गया, क्योंकि वह सारंगढ़ रॉयल गिरी विलास पैलेस से जुड़ी एक महत्वपूर्ण डकैती सहित कई सनसनीखेज़ आपराधिक मामलों को सुलझाने में सहायक थी, जहां से कई लाख रुपये के प्राचीन चांदी के ट्रे चोरी हो गए थे. रूबी द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण सुराग पुलिस विभाग के लिए बहुत मददगार साबित हुए थे और यह पहली बार है, जब पुलिस स्नाइफ़र डॉग को दो अन्य कर्मियों के साथ ‘कॉप ऑफ़ द मंथ’ से सम्मानित किया गया.

इसे भी पढ़े -  Nawagarh News : अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी, घोटाले को लेकर नवागढ़ ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने नारेबाजी के साथ किया विरोध, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गौरव सिंह के नेतृत्व में किया गया प्रदर्शन

जानकारी के लिए आपको बता दें, छत्तीसगढ़ पुलिस उन लोगों कि प्रशंसा करना चाहती है, जो अपने बल पर आगे बढ़ते हैं. चाहे वह इंसान हो या फिर जानवर. उन्हें ना केवल पुरस्कार के रूप में नकद मिलता है, बल्कि उनके पोस्टर तक हर जिले के पुलिस स्टेशन में लगाए जाते है. उन्हें सम्मान दिया जाता है. पुलिसकर्मियों के साथ उन डॉग्स का भी इस पुरस्कार पर हक़ है, जिन्होंने अपने बल पर देश कि सेवा में अपना योगदान दिया है.

इसे भी पढ़े -  CG News : विधायक ब्यास कश्यप ने विधान सभा में उठाया जिला चिकित्सालय जांजगीर में भ्रष्टाचार का मुद्दा...
error: Content is protected !!