छत्तीसगढ़ के सरगुजा का यह तालाब बदल रहा है पानी का रंग, जानें क्या इसकी सच्चाई

छत्तीसगढ़ अपने प्राकृतिक सुंदरता के लिए भारत सहित पुरी दूनियां में मशहूर है जिनमें जशपुर का रजपुरी हो या बलरामपुर का तातापानी हो इनको देखने के लिए प्रर्यटक पुरे देश से जाते हैं इनके अलावा मैनपाट राज्य के साथ-साथ पुरे देश में पर्यटन स्थल में अपनी एक अलग पहचान बना ली है.

 



तालाब को देखने के लिए दूर दूर से पहुंच रहे लोग

छत्तीसगढ़ के सरगुज़ा में एक ऐसे अजुबे तालाब का पता चला है, जिसके पानी का रंग सुबह-शाम बदल रहा है. इस बात को सुनने में आप सभी को आश्चर्य लगेगा पर यह सत्य है तालाब के पानी का रंग क्यों बदल रहा है इसके पीछे का कोई वैज्ञानिक तथ्य सामने नही आया है. लेकिन इस तालाब के पानी के रंग बदलने की सूचना के बाद चर्चाओं का बाजार गर्म हो चला है और यह तालाब इस समय क्षेत्र में मशहूर हो गया है. इस तालाब को देखने के लिए लोग दूर-दूर से आ रहें हैं.

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तालाब सुबह लाल तो शाम को हो जाता है हरा

आपको बता दें कि सरगुज़ा जिला मुख्यालय अम्बिकापुर से 15 किलोमीटर दूर बरगंवा नामक गांव है. इस गांव का तालाब इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है. पडोसी गांव परसापाली के निवासी बलदेव सिंह के मुताबिक़ पानी के रंग बदलने का वैज्ञानिक कारण तो नहीं पता, लेकिन तालाब का पानी सुबह लाल, और शाम को हरा हो जाता है. इस तालाब के पानी के  रंग बदलने की घटना को देखने के लिए दूर-दराज से लोग आ रहें हैं लोगों के लिए यह आकर्षण का केंद्र बना हुआ है.

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रंग बदलने का नहीं है कोई आधिकारिक प्रमाण
तालाब के पानी के रंग बदलने की घटना पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रमाण नहीं मिला है और ना ही कोई वैज्ञानिक तथ्य सामने आया है. जिससे यह साबित हो कि इस तालाब का पानी रंग बदल रहा है.
जिले में है कई रहस्यमई जगह

गौरतलब है कि सरगुज़ा ज़िले में कई रहस्यमयी जगहें है, जिनकी गुत्थी अभी तक सुलझ नहीं पाई है. इनमें से एक है ठिनठिनी पत्थर, जिसे ठोंकने पर अलग-अलग तरह की आवाज आती है. इसके अलावा मैनपाट के बिसरपानी मे ज़मीन से ऊपर की ओर जल की धारा बहती है. इन सभी के साथ ही मैनपाट में ज़मीन का एक ऐसा हिस्सा है, जहां उछल कूद करने से वो जगह (जमीन) हिलने लगती है.

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