Monkeypox : यहां मंकीपॉक्स के सात हजार से अधिक मामले, सरकार ने किया आपात स्थिति का ऐलान

9नई दिल्ली. अमेरिका ने तेजी से फैल रहे ‘मंकीपॉक्स’ को लेकर बृहस्पतिवार को लोक स्वास्थ्य आपात स्थिति घोषित कर दी, ताकि इससे निपटने के प्रयास तेज किए जा सकें। देश में 7,100 से अधिक लोग इस बीमारी की चपेट में आ चुके हैं।



इस घोषणा से इस संक्रामक रोग से निपटने के लिए संघीय धन एवं संसाधनों को जुटाने में मदद मिलेगी। बुखार, शरीर में दर्द, ठंड लगना, थकान और शरीर पर कई जगह फोड़े होना इस बीमारी के लक्षण है।

अमेरिकी स्वास्थ्य एवं मानव सेवा मंत्रालय के प्रमुख जेवियर बेसेरा ने कहा, ‘‘ हम इस वायरस से निपटने की अपनी तैयारियों को अगले स्तर पर ले जाने को तैयार हैं और हम हर अमेरिकी से मंकीपॉक्स को गंभीरता से लेने का आग्रह करते हैं।’’

इसे भी पढ़े -  बाइक्स में क्यों होते हैं 2 या 4 साइलेंसर? सिर्फ स्टाइल नहीं, इसके पीछे छिपा है ये बड़ा राज

पर्याप्त संख्या में नहीं मिल रहे टिके

मंकीपॉक्स रोधी टीकों की उपलब्धता को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन की आलोचना के बीच यह घोषणा की गई है। न्यूयार्क और सैन फ्रांसिस्को जैसे बड़े शहरों के स्वास्थ्य केंद्रों का कहना है कि उन्हें पर्याप्त संख्या में दो खुराक वाले ये टीके नहीं मिले हैं। कुछ को तो पहली खुराक की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए दूसरी खुराक देना बंद करना पड़ा।

इससे पहले, व्हाइट हाउस ने कहा था कि उसने 11 करोड़ से अधिक खुराक उपलब्ध कराई है। अमेरिका में मंकीपॉक्स से अभी तक किसी की जान नहीं गई है, जबकि कुछ अन्य देशों में इससे मौत के मामले सामने आए हैं।

आपात स्थिति घोषित

अमेरिका तेजी से फैल रहे ‘मंकीपॉक्स’ के प्रति सरकारी जवाबी कार्रवाई को बढ़ाने के लिए इस बीमारी को जन स्वास्थ्य आपात स्थिति घोषित कर दिया है। इस घोषणा से इस वायरस का मुकाबला करने के लिए संघीय धन एवं संसाधनों को लगाने में मदद मिलेगी।

इसे भी पढ़े -  Dabhara News : नगर पंचायत अध्यक्ष दीपक कंवलधर साहू ने डभरा के वार्ड क्रमांक 14 के चक्रधारी मंदिर में सीसी रोड निर्माण कार्य का किया भूमिपूजन, क्षेत्र के लोगों को आवागमन में मिलेगी सुविधा

इस मामले से जुड़े लोगों ने इस घोषणा से पहले अपनी पहचान उजागर नहीं करने की शर्त पर इसकी जानकारी दी।

यह घोषणा ऐसे समय होने जा रही है जब बाइडन प्रशासन मंकीपॉक्स के टीके की उपलब्धता को लेकर आलोचनाओं का सामना कर चुका है। न्यूयार्क और सान फ्रांसिस्को जैसे बड़े शहरों में क्लीनिकों का कहना है कि मांग को पूरा करने के लिए उन्हें दो खुराक वाले टीके की पर्याप्त मात्रा नहीं मिली है। कुछ को तो पहली खुराक की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए दूसरी खुराक देना बंद करना पड़ा।

इसे भी पढ़े -  Dabhara News : नगर पंचायत डभरा में विकास कार्यों की रफ्तार तेज, सीसी रोड व आरसीसी नाली निर्माण शुरू

error: Content is protected !!