जांजगीर-चाम्पा. अकलतरा क्षेत्र के बनाहिल में स्थित श्री ऋषभ विद्योदय महाविद्यालय के NCC इकाई के कैडेट्स ने मई से जुलाई 2026 तक लगातार 4 कैंपों में भाग लेकर अपनी मेहनत और अनुशासन का परिचय दिया. कैडेट्स ने मैप रीडिंग, दूरी का अनुमान, सिग्नल देना, फायरिंग और बाधाओं को पार करने जैसे कठिन प्रशिक्षण पूरे कर B और C सर्टिफिकेट की तैयारी में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया.






पहला कैंप ATC/TSC प्री-फर्स्ट सरस्वती विद्यालय, कोरबा में 10 मई से 19 मई 2026 तक आयोजित हुआ. जिसमें महाविद्यालय से कुल 10 कैडेट्स ने भाग लिया. इसमें SD वर्ग से कैलाश निर्मलकर ने MR और OT, अश्वनी कुमार खांडे ने फायरिंग और JDFS, षणानंद राठौर ने JDFS, जय कुमार ने OT और JDFS तथा दीपक कुमार कश्यप ने Health & Hygiene में भाग लिया. वहीं SW वर्ग से आयुषी यादव ने JDFS, मंजुलता उईके ने Health & Hygiene, नीतू सिंह और माया ने MR तथा अक्षु डहरिया ने फायरिंग और JDFS में अपनी प्रतिभा दिखाई.
इसके बाद दूसरा कैंप TSC प्री-2, 1st CG बटालियन कोरबा में 26 जून से 29 जून 2026 तक चला, जिसमें 4 कैडेट्स का चयन हुआ. कैलाश निर्मलकर ने MR, अश्वनी कुमार खांडे और षणानंद राठौर ने JDFS तथा दीपक कुमार कश्यप ने Health & Hygiene इवेंट में भाग लिया.
तीसरा कैंप TSC फर्स्ट रमन यूनिवर्सिटी कोटा में 3 जुलाई से 12 जुलाई 2026 तक आयोजित हुआ. इसमें कैलाश निर्मलकर ने MR और षणानंद राठौर ने JDFS में महाविद्यालय का प्रतिनिधित्व किया. चौथा और अंतिम कैंप TSC-2 लाखोली रायपुर में 12 जुलाई से 22 जुलाई 2026 तक हुआ, जिसमें पुनः कैलाश निर्मलकर ने MR और षणानंद राठौर ने JDFS में भाग लेकर लगातार तीसरी बार चयन की उपलब्धि हासिल की.
कैडेट्स ने ड्रिल, फायरिंग की विभिन्न पोजिशन, मैप रीडिंग, सिग्नल और बाधा पार जैसी गतिविधियों में प्रशिक्षण लिया. लगातार 3 कैंपों तक चयनित होने वाले कैलाश निर्मलकर और षणानंद राठौर का प्रदर्शन विशेष रूप से सराहनीय रहा.
महाविद्यालय संचालक डॉ जे के जैन, प्राचार्य डॉ शिखा सिंह और NCC अधिकारियों ने कहा कि ऐसे कैंप कैडेट्स में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और देशसेवा की भावना विकसित करते हैं. उन्होंने सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की. महाविद्यालय की NCC इकाई ने साबित किया है कि कड़ी मेहनत और अनुशासन से ग्रामीण क्षेत्र के छात्र भी राज्य स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं.



