जांजगीर-चाम्पा. विश्व ओजोन परत संरक्षण दिवस 16 सितम्बर 2026 को प्रकाश इंडस्ट्रीज लिमिटेड, चाम्पा में मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एम. के. पारीक यूनिट हेड, कार्यक्रम के अध्यक्ष संजय जोशी कार्यकारी निदेशक, विशिष्ट अतिथि के रूप में संजय सिंह, महासचिव, इंटक, शिवदयाल कर्ष अध्यक्ष इंटक, अशोक शर्मा अध्यक्ष एकाउन्ट, सुधाकर सारश्वत अध्यक्ष पर्चेस, एस. कुमार वरिष्ठ उपाध्यक्ष, इलेक्ट्रीकल एण्ड इंस्ट्रूमेंटेशन, उदय सिंह कारखाना प्रबंधक, अशोक वैष्णव विभागाध्यक्ष पर्यावरण, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग के द्वारा कार्यक्रम प्रारंभ किया गया। तत्पश्चात सभी अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ से किया गया।








कार्यक्रम का शुभारंभ संतोष थवाईत सहायक महाप्रबंधक, पर्यावरण, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग ने विश्व ओजोन परत संरक्षण दिवस मनाने संबंधी एवं इस वर्ष की विश्व ओजोन परत संरक्षण दिवस की थीम “एक ठंडे ग्रह के लिए वैश्विक कार्यवाही-मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल के किगाली संशोधन के तहत शीतलन के 10 वर्ष पूरे होने का जश्न” पर विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम को आगे बढाते हुए अशोक वैष्णव विभागाध्यक्ष पर्यावरण, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग ने अपने उदबोधन में कहा कि वायुमंडलीय ओजोन सूर्य से आने वाली पराबैंगनी किरणों को रोकता है। पराबैंगनी किरणों से पेड पौधों में पत्तियों के झुलसने, जबकि जीव जन्तुओं के शरीर में फोडे, त्वचा का जलना, कैंसर होने के खतरे रहते है। मानव निर्मित क्लोरीन या ब्रोमीन, सिन्थेटिक गैस, क्लोरो-फ्लोरोकार्बन के निरंतर उपयोग के कारण वायुमंडल में इसकी सान्द्रता निरंतर बढ रही है जो कि अत्यंत हानिकारक है।
इसी कडी में मुख्य अतिथि एम. के. पारीक यूनिट हेड ने कहा कि इस युग में अप्रत्यक्ष रूप से प्रत्येक व्यक्ति हर उस चीज को नुकसान पहुचा रहा है जो उसकी प्रगति में बाधा बन रही है। इस तरह मानव अपने जीवन को आराम दायक बनाने लिए उस ओजोन परत को क्षति पहुचा रहे है, जो उसे सूर्य से निकलने वाली खतरनाक पराबैंगनी किरणों से बचाती है। दिनों-दिन बढ रही विभिन्न गतिविधियों के कारण आज हमारे जीवन को बचाने वाली ओजोन परत को खतरा पैदा हो गया है। ओजोन परत बहुत ही महत्वपूर्ण है। यदि ओजोन परत को नुकसान पहुचता है तो मनुष्य में त्वचा से जुडी तमाम बीमारियां हो सकती है। ओजोन परत धरती की ढाल है, हमें इसकी रक्षा करनी होगी। तभी हम आने वाली पीढी को एक सुरक्षित पृथ्वी दे पायेंगें। आगे की कडी में कार्यक्रम के अध्यक्ष संजय जोशी, कार्यकारी निर्देशक ने कहा कि प्राकृतिक वातावरण में मनुष्य को अपना दखल नहीं देना चाहिए और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए इस सृष्टि पर मानव जाति को एक सुरक्षा कवच के रूप में कार्य करना है। ओजोन परत के विषय में लोग आम तौर पर भले ही ज्यादा न जानते हो लेकिन यह पृथ्वी और पर्यावरण के लिए सब सुरक्षा कवच का कार्य करती है तथा इसे सूर्य की खतरनाक पराबैंगनी किरणों से बचाती है।
कार्यक्रम को आगे बढाते हुए विशिष्ट अतिथि के रूप में संजय सिंह, महासचिव, इंटक ने अपने उदबोधन में कहा कि ओजोन परत पृथ्वी की जीवन रेखा है। हमें ऐसे उपकरणों को अपनाना होगा जो पर्यावरण के अनुकूल हो। आगे के उदबोधन में अशोक शर्मा अध्यक्ष एकाउन्ट ने कहा कि ओजोन परत के बिना हम जिंदा नहीं रह सकते, क्योंकि इन किरणों के कारण कैंसर, फसलों को नुकसान और समुद्री जीवों को खतरा पैदा हो सकता है और ओजोन परत इन्हीं पराबैंगनी किरणों से हमारी रक्षा करती है। इसी कडी में सुधाकर सारश्वत अध्यक्ष पर्चेस ने कहा कि यह परत आसमान में रहकर हमारी रक्षा करती है, लेकिन जमीन पर रहकर हमें इसकी रक्षा करनी होगी। आज के आधुनिक युग में क्लोरो फ्लोरो कार्बन गैसों के उत्सर्जन ने ओजोन परत को बहुत नुकसान पहुंचाया है। लेकिन अगर हम आज से ही ठान ले कि हम कम से कम प्रदूषण करगें तो हम इस नुकसान की भरपायी कर सकते है। एस.कुमार वरिष्ठ उपाध्यक्ष, इलेक्ट्रीकल एण्ड इंस्ट्रूमेंटेशन ने कहा कि यह धरती हमें एक विरासत के तौर पर मिली है जिसे हमें आने वाली पीढी को भी देना है हमें ऐसे रास्ते अपनाने चाहिये जिससे ना सिर्फ हमारा फायदा हो बल्कि उससे हमारी आने वाली पीढी भी इस बेहद खूबसूरत धरती का आनंद ले सके।
कार्यक्रम के इसी कडी में उदय सिंह कारखाना प्रबंधक ने कहा कि ओजोन परत बहुत ही महत्वपूर्ण है। यदि ओजोन परत को नुकसान पहुंचता है तो मनुष्य में त्वचा से जुडी तमाम बीमारियां हो सकती है। इसलिए हमें पर्यावरण के बारे में सोचना चाहिए। पर्यावरण के सुरक्षा हेतु अधिक से अधिक पौधे लगाएँ। कार्यक्रम को सफल बनाने में कार्मिक एवं प्रशासन, हार्टिकलचर, पर्यावरण, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, समस्त विभाग के साथ-साथ पॉवर प्लांट, स्पंज ऑयरन, इंडक्शन फर्नेस एवं सबमर्ज आर्क फर्नेस डिवीजन के अधिकारीयों एवं कर्मचारियों के साथ-साथ कॉलोनी के बच्चों का सराहनीय योगदान रहा।



