छत्तीसगढ़ : सभी स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य की होगी जांच, मुख्य सचिव ने सभी कलेक्टर और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को परिपत्र जारी कर आगामी दो माह में स्वास्थ्य परीक्षण के दिए निर्देश, सभी दिव्यांग बच्चों को नि:शक्तता प्रमाण पत्र प्रदान करने कहा

रायपुर. मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने सभी स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस दौरान सभी दिव्यांग बच्चों को नि:शक्तता प्रमाण पत्र जारी करना सुनिश्चित करने कहा है। उन्होंने सभी जिलों के कलेक्टर और जिला पंचायतों के मुख्य अधिकारी को परिपत्र जारी कर स्कूली शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से अगले दो महीनों में बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण के निर्देश दिए हैं।

 



मुख्य सचिव श्री जैन ने कलेक्टरों और जिला पंचायतों के सीईओ को जारी परिपत्र में कहा है कि कोरोना महामारी के पूर्व सभी स्कूली बच्चों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और इलाज स्कूल शिक्षा विभाग तथा लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के समन्वय से किया जाता था। समग्र शिक्षा अभियान के तहत समावेशी शिक्षा मद में सभी श्रेणी के दिव्यांग बालकों का चिन्हांकन तथा आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण एवं उपचार के लिए व्यवस्था है। स्वास्थ्य विभाग के चिरायु कार्यक्रम के तहत बच्चों के चिन्हांकन के बाद उपचार की व्यवस्था है।

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मुख्य सचिव ने निर्देशित किया है कि जिला स्तर पर स्कूली शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मध्य समन्वय से आगामी दो माह में योजनाबद्ध तरीके से सर्वेक्षण पूर्ण करवा लिया जाए। उन्होंने ऐसे स्कूलों जहां सर्वेक्षण का काम पूरा हो गया है, वहां आगामी रिफरल (Referral) के तहत स्वास्थ्य सुविधाएं प्राथमिकता से उपलब्ध कराने कहा है।

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परिपत्र में मुख्य सचिव ने कहा है कि बेसलाइन डॉटा (Baseline Data) के लिए पिछले यूडाइस (UDISE) के तहत चिन्हांकित दिव्यांग बच्चों को सर्वप्रथम उपचार के लिये प्राथमिकता पर लिया जा सकता है, जब तक नवीन सर्वेक्षण तथा स्वास्थ्य परीक्षण सम्पन्न हो। उन्होंने स्वास्थ्य सर्वेक्षण के साथ-साथ शत-प्रतिशत दिव्यांग बच्चों को नि:शक्तता प्रमाण पत्र (Disability Certificate) का वितरण भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कलेक्टरों और जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को इस संबंध में व्यक्तिगत रूचि लेते हुए सभी आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने कहा है।

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