Janjgir Judgement : नाबालिग बालिका के साथ अशोभनीय बात करने वाले आरोपी को 3 महीने का सश्रम कारावास, सक्ती के विशेष न्यायाधीश का फैसला

जांजगीर-चाम्पा. 14 वर्षीय नाबालिग बालिका से अशोभनीय बात करने वाले आरोपी को फास्ट ट्रैक कोर्ट सक्ती के विशेष न्यायाधीश यशवंत सारथी ने 3 महीने का सश्रम कारावास एवं अर्थदंड की सजा सुनाई है।

 



विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो राकेश महंत ने बताया कि बाराद्वार थाना क्षेत्र की 14 वर्षीय नाबालिग किशोरी ने रिपोर्ट दर्ज कराया कि दिनांक 14 .11 . 2000 को जब वह अपने बहन के साथ रात्रि 8:00 बजे गांव के देवी मंदिर से पूजा अर्चना करके वापस घर आ रही थी तो अभियुक्त ने उन दोनों बहनों को देखकर उसे गलत नियत से देखते हुए तुम मेरी बिन ब्याही पत्नी की बहन है, इसकी बड़ी बहन के साथ इसे भी उठा कर ले जाऊंगा, कहीं और शादी नहीं होने दूंगा, जैसे अशोभनीय शब्दों का इस्तेमाल कर उच्चारित कर परेशान किया है। घटनास्थल से दोनों बहने डरकर घर भाग गए और घटना को अपने मम्मी पापा को बताएं। नाबालिग बालिका के रिपोर्ट पर थाना बाराद्वार द्वारा अभियुक्त के विरुद्ध धारा 509 भारतीय दंड संहिता एवं लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम की धारा 12 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर अभियुक्त को गिरफ्तार कर जेल दाखिल किया गया तथा विवेचना किया गया ।

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विवेचना पूर्ण होने पर अभियोग पत्र विशेष न्यायालय शक्ति में पेश किया गया था ।विचारण उपरांत अभियोजन द्वारा आरोपित अपराध अभियुक्त के विरुद्ध प्रमाणित कर दिए जाने से एवं आरोपी को न्यायालय द्वारा सिद्ध दोष पाए जाने पर विशेष न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट यशवंत कुमार सारथी ने अभियुक्त योगेश कुमार बरेठ पिता जोधराम बरेठ उम्र 24 वर्ष निवासी कुम्हारी कला थाना बाराद्वार को भारतीय दंड संहिता की धारा 509 में केवल सादा कारावास होने के कारण तथा

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पोक्सो एक्ट की धारा 12 में भारतीय दंड संहिता की धारा 509 में उप बंधित दंड से गुरुत्तर होने के कारण लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 42 के तहत अभियुक्त को दंडित न करते हुए लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 12 में अभियुक्त को 3 माह का सश्रम कारावास एवं ₹1000 की अर्थदंड की सजा से दंडित किया है.

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