



जांजगीर-चाम्पा. चाम्पा में करंट से मजदूर दुर्गेश महंत की मौत के मामले में पुलिस ने टेंट मैनजर उदय शर्मा के खिलाफ BNS की धारा 106 (1) के तहत जुर्म दर्ज है. पीएम रिपोर्ट से मजदूर की करंट से मौत होने की पुष्टि हुई थी. दूसरी ओर, कपड़ा दुकान संचालक, टेंट संचालक और निजी हॉस्पिटल प्रबंधन पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है. ऐसे में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़ा हो गया है ?
करंट से मजदूर की मौत होने के बाद चाम्पा के राजश्री वस्त्रालय के संचालक, टेंट के संचालक और निजी हॉस्पिटल प्रबन्धन ने पुलिस को घटना की सूचना नहीं दी थी और परिजन ने अंतिम संस्कार की तैयारी कर ली थी. फिर ऐनवक्त पर चाम्पा पुलिस ने अंतिम संस्कार रुकवाया था और शव को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल पहुंचाया था. फिर दूसरे दिन शव का पोस्टमार्टम हुआ था.
दरअसल, 19 अक्टूबर को चाम्पा के टेंट का मजदूर दुर्गेश महंत, शहर के राजश्री वस्त्रालय में झालर लगाने का काम कर रहा था. इस दौरान 11 केव्ही करंट की चपेट में आने से मजदूर की मौत हो गई थी, लेकिन पुलिस को किसी ने सूचना नहीं दी थी. चाम्पा के निजी अस्पताल प्रबंधन ने भी लापरवाही बरती थी और पुलिस को सूचना नहीं दी थी. एक तरह से मजदूर की मौत को दबाने की कोशिश की गई थी.
एडिशनल एसपी उमेश कश्यप का कहना है कि दीपावली के समय करंट से मजूदर की मौत हुई थी. एक ठेकेदार द्वारा मजूदर को काम करने के लिए भेजा गया था. इस पर अपराध दर्ज किया गया है. अन्य लोगों पर कार्रवाई नहीं होने को लेकर उन्होंने कहा है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.






